ऋषिकेश AIIMS में हैलिकॉप्टर एम्बुलेन्स का सफल ट्रायल, बना एयर एंबुंलेस क्षमता वाला देश का पहला सरकारी संस्थान
Dehradun News in Hindi

ऋषिकेश AIIMS में हैलिकॉप्टर एम्बुलेन्स का सफल ट्रायल, बना एयर एंबुंलेस क्षमता वाला देश का पहला सरकारी संस्थान
एम्स ऋषिकेश के निदेशक प्रोफ़ेसर रविकांत डॉक्टर्स और स्टाफ़ के साथ.

मुख्यमंत्री ने दी बधाई, उत्तराखंड के दूरस्थ इलाकों के लोगों को मि सकेगी सुविधा

  • Share this:
ऋषिकेश. उत्तराखंड के दूरस्थ इलाकों में रह रहे लोगों के लिए एक अच्छी खबर है. पहाड़ों पर रहने वाले गंभीर रोगी  और मरीज़ों को अब जल्द ही विश्वस्तरीय मेडिकल सुविधा मिल सकेगी. ऋषिकेश एम्स ने अपनी हैलिकॉप्टर एंबुलेंस सर्विस का सफल ट्रायल कर लिया है. एम्स परिसर के नवनिर्मित हैलिपैड पर पहली बार हैरिटेज एविएशन के हैलिकॉप्टर ने सफल ट्रायल पूरा किया. अब एम्स प्रशासन जल्द ही मरीजों के लिए एयर एंबुलेंस की सुविधा भी देना शुरू कर देगा. प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी एयर एंबुलेंस की सुविधा के लिए राज्य वासियों के साथ-साथ एम्स प्रशासन को भी बधाई दी है.

क्रांतिकारी कदम 

बता दें कि अब तक राज्य सरकार के हैलिकॉप्टर द्वारा विभिन्न परिस्थितियों में दूरस्थ इलाकों के मरीज़ों को ऋषिकेश एम्स में पहुंचाया गया है जिसके चलते यहां पर एयर एंबुलेंस की सुविधा की मांग ज़ोर शोर से होने लगी थी. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राज्यवासियों के लिए मेडिकल सुविधा कि क्षेत्र में एयर एंबुलेंस की सुविधा एक क्रांतिकारी कदम है जिससे पहाड़ के दूरस्थ इलाके में रहने वाले लोगों को विश्व स्तरीय मेडिकल सुविधा समय पर मिल जाएगी.



अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स, ऋषिकेश में एयर एंबुलेंस सेवा की ट्रॉयल लेंडिंग सफल रहने पर एम्स के निदेशक प्रोफेसर रविकांत का कहना है कि एम्स ऋषिकेश देश का पहला ऐसा सरकारी स्वास्थ्य संस्थान बन गया है जिसकी अपनी हैलिपैड की सुविधा उपलब्ध है.
बचेगा लाइफ़ सेविंग टाइम 

प्रोफ़ेसर रविकांत ने  कहा कि इससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में आपदा के समय घायल होने वाले लोगों को सुगमता से उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश पहुंचाया जा सकेगा और आईडीपीएल, जौलीग्रांट आदि स्थानों पर एयर लिफ़्ट कर लाए जाने के बाद मरीजों को एम्स तक पहुंचाने में जो समय लगता था वह बच जाएगा. यह समय बहुत सारे क्रिटिकल मामलों में लाइफ सेविंग हो सकता है.

सिविल एविएशन की गाइडलाइन्स के अनुसार एम्स प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय विमान पत्तन प्राधिकरण के मानकों  पर आधारित हैलिपैड तैयार कर दिया गया था. इसे बीते दिवस नागर विमान मंत्रालय के तहत कार्यरत डीजीसीए ने अनापत्ति प्रमाणपत्र भी दे दिया. इसके बाद से एम्स ऋषिकेश ने एयर एंबुलेंस का ट्रायल किया जिसमें एम्स परिसर में सफल लैंडिंग हुई और अब ऋषिकेश एम्स मैं एयर एंबुलेंस सुविधा के द्वार खुल गए हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading