हाईकोर्ट ने दिया था CM के खिलाफ CBI जांच का आदेश, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, CBI और 2 पत्रकारों को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई और दो पत्रकारों को नोटिस जारी कर चार हफ़्ते में जवाब देने को भी कहा है.
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई और दो पत्रकारों को नोटिस जारी कर चार हफ़्ते में जवाब देने को भी कहा है.

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश के बाद अब बीजेपी (BJP) ने भी हमला बोल दिया है. बीजेपी ने कांग्रेस के साथ ही कपिल सिब्बल पर भी आरोप लगाते हुए कहा है कि कभी पत्रकार उमेश शर्मा को भ्रष्ट बताने वाले सिब्बल अब उन्हीं के वकील बन कर उन्हें पाक साफ बता रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 29, 2020, 3:32 PM IST
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देहरादून. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने नैनीताल हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के ख़िलाफ़ सीबीआई जांच के आदेश दिए गए थे. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई और दो पत्रकारों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब देने को भी कहा है. सुप्रीम कोर्ट के रोक लगाए जाने के बाद बीजेपी हमलावर हो गई है और कांग्रेस के साथ ही वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल को कठघरे में खड़ा किया है.

कपिल सिब्बल पर निशाना

सीएम त्रिवेंद्र मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद बीजेपी ने न सिर्फ कांग्रेस बल्कि वकील कपिल सिब्बल को भी कठघरे में खड़ा किया है. उत्तराखंड बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि जिस तरह से कांग्रेस ने उतावलापन दिखाया उससे साबित होता है कि शिकायतकर्ता उमेश शर्मा और कांग्रेस ने एक साजिश के तहत सीएम की छवि खराब करने के लिए इस आपराधिक षड़यंत्र को अंजाम दिया.

उन्होंने कपिल सिब्बल पर सवाल उठाते हुए कहा कि हरीश रावत स्टिंग प्रकरण में कपिल सिब्बल ने जिस उमेश शर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, वही कपिल सिब्बल अब ताजा मामले में उमेश शर्मा के वकील बनकर उमेश शर्मा को पाक साफ बता रहे हैं. बीजेपी का कहना है कि एक जैसे केस में कपिल सिब्बल पक्ष-विपक्ष के वकील नहीं हो सकते.
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