सदन में क्षेत्र की आवाज़ उठाने के लिए जाने जाते थे सुरेंद्र सिंह जीना... बीजेपी ने बताया अपूरणीय क्षति

सल्ट से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह जीना की गुरुवार सुबह दिल्ली में कोरोना वायरस से मौत हो गई.
सल्ट से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह जीना की गुरुवार सुबह दिल्ली में कोरोना वायरस से मौत हो गई.

कुमाऊं क्षेत्र से एकमात्र सुरेंद्र सिंह जीना ही ऐसे विधायक थे जो सदन में पुरज़ोर ढंग से आवाज उठाते थे, फिर चाहे वह विपक्ष में रहे हों या सत्ता में.

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देहरादून. गुरुवार की सुबह उत्तराखंड के लिए दिल्ली से एक हिला देने वाली ख़बर लाई. उत्तराखंड बीजेपी ने अपना एक युवा, तेजतर्रार विधायक खो दिया. कोरोना संक्रमण के चलते बीजेपी के सीनियर विधायक सुरेंद्र सिंह जीना का दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया. इससे बीजेपी ही नहीं उत्तराखंड के समूचे राजनीतिक जगत को झटका लगा है. बता दें कि पिछले महीने 27 अक्टूबर को दिल्ली में ही जीना की पत्नी नेहा जीना की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. माना जा रहा है कि नेहा जीना भी कोरोना संक्रमित थीं. इसके तत्काल बाद तबियत खराब होने पर सुरेंद्र सिंह जीना को भी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. जहां जीना के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी.

लगातार तीसरी बार बने थे विधायक 

सुरेंद्र सिंह जीना को डायबिटीज़ भी थी. वह अपने पीछे दो बेटों को छोड़ गए हैं. एक बेटा ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करता है, जबकि दूसरा बेटा बारहवीं में पढ़ता है. बता दें कि बुधवार को जीना के अकाउंटेंट की भी दिल्ली में मौत हो गई थी और उनके बड़े भाई भी कोरोना संक्रमित हैं और उनका भी दिल्ली में इलाज चल रहा है.



भाजपा के तेजतर्रार नेता माने जाने वाले 50 साल के सुरेंद्र सिंह जीना लगातार तीसरी बार विधायक थे. वह सबसे पहले 2007 में अल्मोड़ा जिले की भिकियासैंण विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे. इसके बाद हुए परिसीमन में भिकियासैंण सल्ट विधानसभा सीट में आ गया. फिर वह 2012 और फिर 2017 का चुनाव भी सल्ट से जीते.
बीजेपी ने किए कार्यक्रम रद्द 

विधायक जीना युवा, हंसमुख और तेजतर्रार विधायकों में से एक थे. उनका जाना बीजेपी के लिए बड़ा झटका इसलिए भी है कि कुमाऊं क्षेत्र से एकमात्र सुरेंद्र सिंह जीना ही ऐसे विधायक थे जो सदन में पुरज़ोर ढंग से आवाज उठाते थे, फिर चाहे वह विपक्ष में रहे हों या सत्ता में.

जीना हर किसी के बीच लोकप्रिय थे. वह उन चुनिंदा विधायकों में से एक थे जिनका पक्ष-विपक्ष दोनों ही के नेताओं के बीच अच्छा संवाद था. उनके निधन की ख़बर मिलते ही बीजेपी ने सभी प्रस्तावित कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. भगत ने कहा कि जीना युवा , ऊर्जावान व योग्य कार्यकर्ता, विधायक थे. ह हमेशा संगठन और जनहित में सक्रिय रहते थे.

भरपाई आसान नहीं होगी 

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल ने कहा कि जीना के जाने से हमने राजनीति एवं समाज की सेवा में अग्रणी रहने वाले एक नेता को खो दिया है. प्रभावी व्यक्तित्व के धनी और विधायी कार्यवाही के जानकार सुरेंद्र सिंह जीनाक के निधन की खबर सुनकर स्तब्ध हूं.

जीना के निधन से खाली हुई सल्ट विधानसभा सीट पर अब सियासत भी करवट लेगी. जीना का सल्ट में एक मजबूत जनाधार था. अब सल्ट विधानसभा को मध्यावधि चुनाव से गुजरना होगा. छह माह के भीतर चुनाव कराने की संवैधानिक बाध्यता होगी और बीजेपी के लिए जीना का विकल्प ढूंढ पाना आसान नहीं होगा.
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