यहां सिस्टम सूचना छुपाने का काम करता हैः आरटीआई एक्टिविस्ट

News18India
Updated: November 14, 2017, 4:48 PM IST
यहां सिस्टम सूचना छुपाने का काम करता हैः आरटीआई एक्टिविस्ट
सोमवार को सूचना अधिकारियों की बैठक लेते राज्य सूचना आयुक्त सुरेंद्र सिंह रावत
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Updated: November 14, 2017, 4:48 PM IST
देहरादून के कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को ज़िले के लोक सूचना अधिकारियों और प्रथम विभागीय अपीलीय अधिकारियों को दिए जाने वाले तीन दिवसीय प्रषिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की थी. इसमें  राजुय परिवहन आयुक्त सुरेन्द्र सिंह रावत ने सूचना अधिकारियों को जानकारी दी थी.

लेकिन इस मीटिंग के बारे में ख़बर छपने के आरटीआई कार्यकर्ताओं ने आपत्ति दर्ज की है. आरटीआई एक्टिविस्ट विजय डंडरियाल कहते हैं कि इस मीटिंग में लोक सूचना अधिकारियों को यह नहीं बताया गया कि अगर वह सूचना जानबूझकर नहीं देते हैं तो दंड का क्या प्रावधान है.

डंडरियाल कहते हैं कि दंड के बारे में जानकारी न देने की वजह से इस बात की आशंका बढ़ जाती है कि अधिकारी सूचना देने में आनाकानी या इनकार करेंगे क्योंकि उन्हें पता ही नहीं होगा कि ऐसा करने से उनकी गर्दन भी फंस सकती है.

डंडरियाल कहते हैं कि दरअसल सरकार का पूरा सिस्टम सूचना को छुपाने का काम करता है. वह अपना एक उदाहरण बताते हैं.

विजय डंडरियाल ने परिवहन विभाग में एक लेखाधिकारी की नियुक्ति होने पर सवाल पूछा था. उन्होंने पूछा था कि नियुक्ति तदर्थ है, अस्थाई या स्थाई. अगर नौकरी पक्की है तो किसने दी, उसका नाम पदनाम बताया जाए.

उन्होंने परिवहन विभाग के सहस्रधारा स्थित मुख्यालय में आरटीआई दी जहां से इसे परिवहन विभाग, आरटीओ, कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया. और कहा गया कि यह जानकारी वहीं से मिलेगी.

लेकिन परिवहन विभाग से डंडरियाल को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई.

इसके बाद विजय डंडरियाल ने सार्वजनिक रूप से इस नियुक्ति पर सवाल उठाए क्योंकि उनके अनुसार जिस व्यक्ति की नियुक्ति हुई है उस पर पहले भी कई बार घोटालों के आरोप लग चुके हैं.

इसके बाद एआरटीओ अरविंद पांडे ने, जो लोक सूचना अधिकारी भी हैं, कहा कि इस बारे में जानकारी परिवहन आयुक्त कार्यालय से ही मांगी जानी चाहिए.

डंडरियाल कहते हैं कि उनकी आरटीआई को फ़ुटबॉल की तरह इधर से उधर उछाला गया लेकिन सूचना नहीं दी गई. अब उन्होंने राज्य सूचना आयोग में इस नियुक्ति की जांच करने की अपील की है.

 
First published: November 14, 2017
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