Home /News /uttarakhand /

मॉनसून में आपदा से लड़ने का तंत्र होगा और मजबूत... SDRF की एक और कंपनी को मिली मंज़ूरी

मॉनसून में आपदा से लड़ने का तंत्र होगा और मजबूत... SDRF की एक और कंपनी को मिली मंज़ूरी

आपदा के समय त्वरित रिस्पॉंस के लिए पहचान रखने वाली एसडीआरएफ की क्षमता बढ़ा दी गई है.

आपदा के समय त्वरित रिस्पॉंस के लिए पहचान रखने वाली एसडीआरएफ की क्षमता बढ़ा दी गई है.

प्रदेश में 2013 की आपदा के बाद मार्च 2014 में राज्य आपदा प्रबंधन बल यानी एसडीआरएफ का गठन किया गया था.

देहरादून. कोरोना संक्रमण और उस पर मॉनसून की शुरुआत के साथ ही दोहरी चुनौतियों से जूझ रहे उत्तराखंड के लिए अच्छी खबर है. आपदा के समय त्वरित रिस्पॉंस के लिए पहचान रखने वाली एसडीआरएफ की क्षमता बढ़ा दी गई है. राज्य सरकार ने एसडीआरएफ़ की एक और कंपनी को मंज़ूरी दे दी है. इस कम्पनी में करीब 180 जवान होंगे. प्रदेश में 2013 की आपदा के बाद मार्च 2014 में राज्य आपदा प्रबंधन बल यानी एसडीआरएफ का गठन किया गया था. छह साल के भीतर ही एसडीआरएफ अपनी एक अलग पहचान बनाने में कामयाब रहा है और प्राकृतिक आपदा ही नहीं दुर्घटनाओं की स्थिति में जान बचाने में बेहद कारगर साबित हुआ है.

4 कंपनीं हैं अभी 

कोरोना संक्रमण काल में भी एसडीआरफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. लेकिन अब वह समय आ गया है कि जब एसडीआरएफ़ सबसे ज़्यादा व्यस्त और सक्रिय रहता है यानी मॉनसून. उत्तराखंड में मॉनसून का अर्थ प्राकृतिक आपदा भी होती हैं और इस समय एसडीआरएफ़ को सबसे ज़्यादा काम करना पड़ता है, उसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है.

इस विशेष फ़ोर्स पर दबाव कम करने के लिए  शासन ने एसडीआरएफ को एक और कंपनी गठित करने की मंज़ूरी दे दी है. अभी एसडीआरएफ़ के पास जवानों की चार कंपनियां मौजूद हैं. एसडीआरएफ ने आने वाली चुनौतियों से न निपटने के लिए कार्ययोजना भी तैयार कर ली है.

3 ज़िलों में 250 जीपीएस फ़ोन 

बता दें कि एसडीआरफ की एक कंपनी में 145 जवान होते हैं. वर्तमान में प्रदेश के 32 स्थानों पर एसडीआरएफ की टुकड़ियां तैनात हैं जो आपदा की स्थिति में बचाव और राहत कार्य करने में सक्षम हैं.

एसडीआरएफ संवेदनशील ज़िलों उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और चमोली में 250 जीपीएस फ़ोन उपलब्ध करा रहा है. नेटवर्क न होने की दशा में ग्रामीण जीपीएस फोन के ज़रिए सूचना दे सकते हैं.

माउंटेनियरिंग में महारथ 

वैसे मॉनसून काल के मद्देनजर सरकार ने प्रदेश भर में तहसील स्तर पर 184 सैटेलाइट फ़ोन उपलब्ध कराए हैं. डिज़ास्टर रिलीफ़ फ़ंड से सभी ज़िलों को 98 करोड़ रुपये की धनराशि दे दी गई है. पूरे प्रदेश में 395 गावों को आपदा की दृष्टि से संवेदनशील गांवों के रूप में चिन्हित किया गया है.

एसडीआरएफ के आईजी संजय गुंज्याल का कहना है कि कोशिश की जा रही है कि रिस्पॉंस टाइम कम किया जाए. एसडीआरएफ़ के जवान ट्रेंड हैं. एसडीआरएफ को माउंटेनियरिंग में भी महारथ हासिल है. एसडीआरएफ माउंट एवरेस्ट पर भी सफलतापूर्वक आरोहण कर चुका है.

 

Tags: Landslide in uttarakhand, Natural Disaster, Rain in uttarakhand, Uttarakhand Government, Uttarakhand news

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर