• Home
  • »
  • News
  • »
  • uttarakhand
  • »
  • Thank You Dehradun... देहरादून के पुलिस कप्तान रहे DIG अरुण मोहन जोशी का दून के नाम पत्र हुआ वायरल

Thank You Dehradun... देहरादून के पुलिस कप्तान रहे DIG अरुण मोहन जोशी का दून के नाम पत्र हुआ वायरल

3 अगस्त, 2019 को देहरादून के एसएसपी बने अरुण मोहन जोशी राजधानी (अस्थाई) के सबसे युवा एसएसपी रहे थे और अब तक के सबसे सफल कप्तान भी माने जा रहे हैं.

3 अगस्त, 2019 को देहरादून के एसएसपी बने अरुण मोहन जोशी राजधानी (अस्थाई) के सबसे युवा एसएसपी रहे थे और अब तक के सबसे सफल कप्तान भी माने जा रहे हैं.

अरुण मोहन जोशी का 18 दिसंबर को डीआईजी विजिलेंस, पीएससी और एटीसी पर तबादला किया गया था. उन्होंने 19 तारीख को ही देहरादून की जनता के नाम एक भावुक चिट्ठी लिखी थी.

  • Share this:
देहरादून. अपनी तरह के पहले घटनाक्रम में डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने देहरादून के लोगों के लिए एक पत्र लिखकर अपनी भावनाएं ज़ाहिर की हैं. देहरादून के पुलिस कप्तान रहे अरुण मोहन जोशी का 18 दिसंबर को डीआईजी विजिलेंस, पीएससी और एटीसी पर तबादला किया गया था. उन्होंने 19 तारीख को ही देहरादून की जनता के नाम एक भावुक अपील की थी जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. बता दें कि बतौर एसएसपी देहरादून के पुलिस कप्तान बने अरुण मोहन जोशी राजधानी (अस्थाई) के सबसे युवा एसएसपी रहे थे और अब तक के सबसे सफल कप्तान भी माने जा रहे हैं.

पढ़िए डीआईजी अरुण मोहन जोशी का देहरादून के लोगों के नाम पत्र, उन्हीं के शब्दों में...

"नमस्ते देहरादून,

यह मेरे लिए किसी सौभाग्य से कम नहीं रहा कि देहरादून जो कि मेरा घर, मेरा Home Town है वहां मुझे DIG/SSP देहरादून के रूप में काम करने का मौका मिला.

मेरे वरिष्ठ अधिकारियों, सरकार व मुख्यमंत्री जी का विशेष स्नेह मुझे मिला जिसके लिए मैं उनका हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ. गृह सचिव नितेश झा सर का भी इस मौके पर ज़िक्र करना बेहद जरूरी है. झा सर ने मुझ पर विश्वास जताते आशंकाओं को खारिज करते हुए राजधानी पुलिस की कमान सौंपी.

मुझे याद है पिछले वर्ष 3 अगस्त को मुझे राजधानी के एसएसपी बनने की बेहद खुशी प्राप्त हुई. दूसरी ओर मेरे मन में एक चिंता यह भी थी कि दून ज़िला मेरा घर है, जहां मेरे तमाम परिचित, रिश्तेदार, मित्र हैं. कहीं कोई ऐसी स्थिति न बनने पाए जिससे मैं कमजोर हो जाऊं या काम पर कोई विपरीत असर पड़े.

मेरा जीवन में हमेशा प्रयास रहा कि किसी डर, लालच या घबराहट में ऐसा कोई काम न करूं जिसका बोझ मेरे मन में हमेशा रह जाए. यहां कार्यभार ग्रहण करने से पहले ईश्वर से यह प्रार्थना थी कि वह मुझे इतनी शक्ति प्रदान करे कि मैं किसी भी स्थिति कमजोर न पड़ूं. पिछले 16 माह के कार्यकाल के दौरान मेरे द्वारा जो भी कार्य किए गए मेरा प्रयास रहा कि व्यक्तिगत पसन्द नापसन्द को दूर रखते हुए बिना किसी भेदभाव, भय अथवा लालच के काम करूं. इस दौरान हमारे काम को कई लोगों द्वारा सराहा गया व कुछ लोगों द्वारा आलोचनाएं भी की गईं. फिर भी इस दौरान मुझसे जो भी गलतियां हुईं मुझे पूरी उम्मीद है कि इसके लिए आप सब भी मुझे माफ करेंगे.

जिन्होंने हमारे काम को सराहा उनका दिल से आभार व्यक्त करता हूं. जिन्होंने हमारे काम की आलोचना की उनका भी मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ. आलोचनाओं से हमें अपनी कमियों को समझने और उसे सुधारने का मौका मिलता है.

देहरादून में घटित होने वाली किसी भी अपराधिक घटना को हमने अपनी व्यक्तिगत विफलता समझा और प्रत्येक घटना की जांच करते हुए पुलिसिंग को और बेहतर बनाने और उसमें सुधार करने का प्रयास किया.

देहरादून में मेरे साथ कार्यरत रहे सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का दिल से आभार, जिन्होंने लगन मेहनत एवं कर्तव्य निष्ठा के साथ जुनून से काम करते हुए दून पुलिस को अव्वल बना दिया. इसमें समय-समय पर वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन भी अहम रहा है.

मुझे आपसे ये जानकारी साझा करने में और भी खुशी महसूस हो रही है कि राजधानी में कोई भी बड़ा अपराध मौजूदा समय में अनसुलझा नहीं रह गया है. घटनाओं के खुलासे में देहरादून की पुलिस देश की किसी भी जनपद की पुलिस से बहुत आगे रही है.

कोरोना काल में लॉकडाउन की अवधि में देहरादून सम्भवतः देश का अकेला जनपद था, जिसे गरीब व असहाय लोगों को राशन/भोजन वितरित करने की जिम्मेदारी पुलिस को सौंपी गई. इस दौरान देहरादून पुलिस द्वारा जिस व्यवस्थित तरीके से गरीब एवं असहाय लोगों को राशन एवं भोजन वितरण करने का काम किया गया उसे एक मॉडल के रूप में पहचान मिली और आमजन मानस के बीच पुलिस की विश्वनीयता बढ़ी. जनता के सहयोग से तथा बिना किसी सरकारी बजट अथवा वित्तीय संसाधन के देहरादून पुलिस ने लॉकडाउन में प्रतिदिन दस हज़ार से ज्यादा लोगों को भोजन/राशन उपलब्ध कराया. हमने यह सुनिश्चित किया था कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे.

यातायात के क्षेत्र में सुधार की प्रक्रिया गतिमान है. कई कार्ययोजनाओं पर कार्य किए जा रहे थे परन्तु आकस्मिक कारोना महामारी के चलते उक्त कार्यों को स्थगित करना पड़ा. मुझे उम्मीद है कि कोरोना काल की समाप्ति के पश्चात देहरादून पुलिस यातायात के क्षेत्र में अधूरे रह गये कार्यों को पूरा करेगी और बेहतरीन यातायात प्रबन्धन का सटीक मॉडल तैयार करेगी.

युवाओं को नशे से बचाने के लिए हमारी टीम ने हर सम्भव प्रयास किए. मुझे उम्मीद है कि जब तक इस समस्या को जड़ से समाप्त नहीं कर देंगे हमारा प्रयास इसी प्रकार जारी रहेगा. स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में राजधानी में तीसरी आंख का दायरा और बढ़ाते हालिया हुए दिनों में 500 कैमरे लगवाए गए हैं.

आप सभी का बहुत स्नेह और प्यार मिला, इसके लिए मैं आप सभी का दिल से आभार व्यक्त करता हूँ.



Thank you Dehradun!!

अरुण मोहन जोशी" 

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज