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उत्तराखंड में थर्ड पार्टी करेगी जांच कि सांसद आदर्श ग्राम योजना में ज़मीन पर हुए कितने काम

News18 Uttarakhand
Updated: November 14, 2019, 6:23 PM IST
उत्तराखंड में थर्ड पार्टी करेगी जांच कि सांसद आदर्श ग्राम योजना में ज़मीन पर हुए कितने काम
मुख्यमंत्री ने आदर्श सांसद ग्राम योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जिलों के प्रभारी सचिव 45 दिन में एक बार आदर्श गांव में जाना सुनिश्चित करें.

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (CM Trivendra Singh Rawat) ने आदर्श सांसद ग्राम योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जिलों के प्रभारी सचिव 45 दिन में एक बार आदर्श गांव में जाना सुनिश्चित करें.

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देहरादून. उत्तराखंड (Uttarakhand) में अब सांसद आदर्श ग्राम योजना (MP Model Village Scheme) में चयनित गांवों में कितना काम हुआ इसका मूल्यांकन थर्ड पार्टी (Inspection by third party) से करवाया जाएगा. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (CM Trivendra Singh Rawat) ने आदर्श सांसद ग्राम योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जिलों के प्रभारी सचिव 45 दिन में एक बार आदर्श गांव में जाना सुनिश्चित करें. मुख्य विकास अधिकारी भी इन गांवों में जाकर विकास कामों का भौतिक निरीक्षण करें. इसके लिए भ्रमण कैलेण्डर बनाए जाएं.

परिवर्तन दिखे, आत्मनिर्भर हों गांव 

योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आदर्श गांवों के लोगों के जीवन में परिवर्तन दिखना चाहिए. स्थानीय लोगों को लगना चाहिए कि वहां काम हुए हैं. आदर्श गांवों का तुलनात्मक अध्ययन किया जाए कि पहले क्या स्थिति थी और अब क्या स्थिति है. वहां की खेती, पशुपालन, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रति व्यक्ति आय में क्या गुणात्मक सुधार हुए हैं.

आदर्श गांव आत्मनिर्भर होने चाहिए. इन गांवों की मासिक रिपोर्ट संबंधित सांसदों को भेजी जाए. चयनित गांवों को पॉलिथीन मुक्त बनाया जाए. कामों की समयावधि निश्चित की जाए.

पहला चरण 

बैठक में बताया गया कि सांसद आदर्श ग्राम योजना में तीन चरणों में कुल 15 चयनित ग्राम पंचायतों में 762 काम लिए गए. इनमें से 565 काम पूर्ण किए जा चुके हैं, 53 प्रगति पर हैं. पहले चरण में भगत सिंह कोश्यारी द्वारा चयनित गांव सरपुड़ा (ज़िला ऊधम सिंह नगर) में कुल 70 कामों में से 69 काम किए जा चुके हैं. मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खण्डूड़ी के चयनित देवली भणीग्राम (ज़िला रुद्रप्रयाग) में 66 कामों में 52, डॉक्टर रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा चयनित गोरधनपुर (ज़िला हरिद्वार) में 85 में से 80 काम किए जा चुके हैं.

माला राज्य लक्ष्मी शाह के चयनित बौन (ज़िला उत्तरकाशी) गांव में 59 में से 57 काम, अजय टम्टा के चयनित सूपी (ज़िला बागेश्वर) में 22 में से 21 काम किए गए हैं. महेन्द्र सिंह माहरा द्वारा चयनित रौलमेल (ज़िला चम्पावत) में 59 में से 55 काम और राजबब्बर द्वारा चयनित लामबगड़ (ज़िला चमोली) में 17 में से 15 काम पूरे कर लिए गए हैं.
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दूसरा चरण 

दूसरे चरण में प्रदीप टम्टा द्वारा चयनित बाछम (ज़िला बागेश्वर) में 17 में से 17 काम, तरुण विजय द्वारा चयनित तेवा (ज़िला टिहरी गढ़वाल) में 80 में से 59 काम, डॉक्टर रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा चयनित जमालपुर कलान (ज़िला हरिद्वार) में  55 में से 41 काम, भगत सिंह कोश्यारी द्वारा चयनित लोहाली (ज़िला नैनीताल) में 50 में से 08, माला राज्य लक्ष्मी शाह द्वारा चयनित अटकफार्म (ज़िला देहरादून) में 39 में से 07 और श्री अजय टम्टा द्वारा चयनित जुम्मा (ज़िला पिथौरागढ़) में 44 में से 41 काम पूर्ण किए जा चुके हैं.

तीसरा चरण 

तृतीय चरण में अजय टम्टा द्वारा चयनित सल्ली (ज़िला चम्पावत) में 54 में से 44 काम पूर्ण किए जा चुके हैं. जबकि डॉक्टर रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा चयनित खेड़ी सिकोहपुर (ज़िला हरिद्वार) में 45 काम लिए गए हैं.

सांसद आदर्श ग्राम योजना 11 अक्टूबर, 2014 को प्रारम्भ की गई थी. इसका उद्देश्य सांसद द्वारा चयनित ग्राम पंचायत में सभी केंद्र पोषित/राज्य पोषित योजनाओं के कन्वर्जेंस के माध्यम से आधारभूत अवस्थापना सुविधाओं का विकास, सेवाओं की उपलब्धता और ग्राम पंचायत का सामाजिक, आर्थिक व पर्यावरणीय विकास द्वारा चयनित ग्राम पंचायत में विकास के अंतर की पूर्ति करते हुए आदर्श ग्राम बनाना है.

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First published: November 14, 2019, 6:21 PM IST
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