• Home
  • »
  • News
  • »
  • uttarakhand
  • »
  • दून के इस पार्षद ने की कोरोना रोकथाम में मदद के लिए एक लाख रुपये देने की पेशकश लेकिन हो गई बेकार

दून के इस पार्षद ने की कोरोना रोकथाम में मदद के लिए एक लाख रुपये देने की पेशकश लेकिन हो गई बेकार

देहरादून के वार्ड नंबर 65 के पार्षद नरेश रावत ने अपर नगरायुक्त से मदद कर उन्हें मदद के प्रस्ताव का पत्र सौंपा.

देहरादून के वार्ड नंबर 65 के पार्षद नरेश रावत ने अपर नगरायुक्त से मदद कर उन्हें मदद के प्रस्ताव का पत्र सौंपा.

पार्षद नरेश रावत कहते हैं केि 100 पार्षद अगर एक-एक लाख रुपये भी दें तो एक करोड़ रुपये इकट्ठे हो जाएंगे.

  • Share this:
देहरादून. कोरोना वायरस से जंग में विभिन्न वर्गों के लोग मदद के लिए आगे आ रहे हैं. मुख्यमंत्री से लेकर आम आदमी तक अपनी-अपनी क्षमतानुसार आर्थिक मदद भी दे रहे हैं. मुख्यमंत्री अपनी 5 महीने की तनख्वाह देने का ऐलान कर चुके हैं तो प्रदेश के सभी पांचों सांसदों भी सांसद निधि से मदद की है. कई विधायक भी विधायक निधि के अलावा अपने वेतन कोरोना की रोकथाम के लिए दे चुके हैं. इसी तर्ज पर देहरादून के एक पार्षद ने भी कोरोना से जंग की तैयारियों में अपनी तरफ़ से मदद की पेशकश की लेकिन दुर्भाग्य से यह कोशिश असफल हो गई. आगे जानिए क्यों...

प्रस्ताव

देहरादून के वॉर्ड नंबर 65 के पार्षद नरेश रावत ने कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए अपनी पार्षद निधि से एक लाख रुपये देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को देने का प्रस्ताव दिया. उन्होंने बाकायदा अपर नगरायुक्त से मुलाकात कर उन्हें इस संबंध में पत्र सौंपा.

नरेश रावत का कहना है कि कोरोना संकट की वजह से क्षेत्र में करीब 15 लाख के कामों के प्रस्ताव पास नहीं हो सके हैं. अब चूंकि पार्षदों को कोई वेतन तो मिलता नहीं है जो वह इस संकट में मदद के लिए देते, इसलिए उन्होंने इस बची हुई राशि से ही मदद का प्रस्ताव नगर-निगम को दिया है.

रावत कहते हैं दून के 100 पार्षद अगर एक-एक लाख रुपये भी दें तो एक करोड़ रुपये इकट्ठे हो जाएंगे जो कोरोना से संकट में काफ़ी मददगार साबित हो सकते हैं.

प्रावधान ही नहीं

अफ़सोस युवा पार्षद का ये गणित बेकार हो गया. नगरायुक्त विनय शंकर पांडेय कहते हैं कि उनकी पार्षद से मुलाकात नहीं हुई लेकिन इसके साथ ही यह साफ़ कर देते हैं कि उनका प्रस्ताव किसी काम का नहीं है. पार्षदों की कोई निधि है ही नहीं, जिससे वह मदद का प्रस्ताव दें.

पांडेय कहते हैं कि हर क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए एक राशि निर्धारित है लेकिन यह विधायक निधि की तरह पार्षद के अधिकार में नहीं है. पार्षद अपने क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार करते हैं और बोर्ड बैठक से उसकी अनुमति मिलने के बाद वह काम होते हैं.

अब आगे...

न्यूज़ 18 ने नरेश रावत को नगरायुक्त की कही बात बताई तो उन्होंने कहा कि कोई न कोई तो रास्ता होगा ही. उन्होंने कहा कि वह बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखते लेकिन लॉकडाउन के चलते वह भी नहीं हो सकती लेकिन वह अन्य पार्षदों के बात करेंगे ताकि मदद करने का कोई तरीका निकाला जा सके.

ये भी देखें: 

सब्जी के ट्रकों में छुपकर पहाड़ पहुंचे जमाती, श्रीनगर में 3 ड्राइवरों समेत 8 पर केस दर्ज 

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज