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ऐसे हो सकती है हरिद्वार की बर्खास्त ज़िला पंचायत अध्यक्ष सविता चौधरी से भ्रष्टाचार के पैसे की वसूली

Rajesh Dobriyal | News18 Uttarakhand
Updated: October 18, 2019, 6:50 PM IST
ऐसे हो सकती है हरिद्वार की बर्खास्त ज़िला पंचायत अध्यक्ष सविता चौधरी से भ्रष्टाचार के पैसे की वसूली
कानून के जानकारों का मानना है कि सविता चौधरी पर धोखाधड़ी का मुक़दमा दर्ज कर उनसे पैसा वसूला जा सकता है या जिन दुकानों के निर्माण, आवंटन में घोटाला है उसे रद्द किया जा सकता है.

पंचायती राज विभाग (Panchayati Raj Department) के प्रभावी सचिव रंजीत सिन्हा (Ranjeet Sinha) कहते हैं कि कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जो भी ज़रूरी होगा वह कदम उठाया जाएगा.

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हरिद्वार में भ्रष्टाचार के आरोप साबित होने के बाद ज़िला पंचायत अध्यक्ष सविता चौधरी को बर्खास्त तो कर दिया गया लेकिन उनकी वजह से ज़िला पंचायत को जो नुक़सान हुआ है उसकी भरपाई होगी भी या नहीं? पद से बर्खास्त होने के बाद क्या सविता ज़िला पंचायत को चौधरी 6 करोड़ रुपये का नुक़सान पहुंचाकर आराम से रह सकती हैं? पंचायती राज विभाग के प्रभावी सचिव रंजीत सिन्हा की मानें तो नहीं. वैसे कानून के जानकारों का मानना है कि सविता चौधरी पर धोखाधड़ी का मुक़दमा दर्ज कर उनसे पैसा वसूला जा सकता है या जिन दुकानों के निर्माण, आवंटन में घोटाला है उसे रद्द किया जा सकता है.

जांच में दोषी साबित हुईं 

बता दें कि हरिद्वार में ज़िला पंचायत की दुकानों के निर्माण और आवंटन के मामले में सविता चौधरी पर वित्तीय अनियमितता का आरोप था. यह अनियमितता 6 करोड़ रुपये तक की आंकी गई थी. इस मामले में पहले ज़िलाधिकारी स्तर पर जांच की गई और फिर मंडलायुक्त स्तर पर. दोनों ही जांचों में सविता चौधरी पर धांधली के आरोप सही पाए गए थे.

हालांकि जांच के बाद शासन ने सविता चौधरी से जवाब तलब किया गया था तो वह हाईकोर्ट की शरण में चली गई थीं लेकिन उन्हें वहां से निराशा ही हाथ लगी थी. आखिरकार सविता चौधरी ने अपना जवाब शासन को सौंप दिया था जिससे शासन संतुष्ट नहीं हुआ था और गुरुवार शाम उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था.

Uttarakhand Panchayati raj, पंचायती राज विभाग के प्रभावी सचिव रंजीत सिन्हा कहते हैं कि ज़िला पंचायत को जो नुक़सान हुआ है उसे छोड़ा नहीं जा सकता है.
पंचायती राज विभाग के प्रभावी सचिव रंजीत सिन्हा कहते हैं कि ज़िला पंचायत को जो नुक़सान हुआ है उसे छोड़ा नहीं जा सकता है.


धोखाधड़ी का मुक़दमा हो सकता है दर्ज 

उनकी बर्खास्तगी के बाद सवाल यह उठता है कि उन्होंने ज़िला पंचायत को जो नुक़सान पहुंचाया है उसकी भरपाई कैसे होगी. पंचायती राज विभाग के प्रभावी सचिव रंजीत सिन्हा कहते हैं कि ज़िला पंचायत को जो नुक़सान हुआ है उसे छोड़ा नहीं जा सकता है. बर्खास्त ज़िला पंचायत अध्यक्ष के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और कानूनन जो भी ज़रूरी होगा वह कदम उठाया जाएगा.
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वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्र शेखर तिवारी कहते हैं कि संवैधानिक पद का दुरुपयोग करने के लिए बर्खास्त ज़िला पंचायत अध्यक्ष पर धोखाधड़ी का मुक़दमा दर्ज करवाया जा सकता है और सतर्कता निदेशालय से भी उनकी जांच करवाई जा सकती है. तिवारी कहते हैं कि सबसे बड़ा और ताज़ा उदाहरण पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम का है जो इसी तरह वित्तीय अनिमितता में घिरे हैं और जांच का सामना कर रहे हैं.

Haridwar zila panchayat chairperson car, वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्र शेखर तिवारी कहते हैं कि संवैधानिक पद का दुरुपयोग करने के लिए बर्खास्त ज़िला पंचायत अध्यक्ष पर धोखाधड़ी का मुक़दमा दर्ज करवाया जा सकता है और सतर्कता निदेशालय से भी उनकी जांच करवाई जा सकती है.
वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्र शेखर तिवारी कहते हैं कि संवैधानिक पद का दुरुपयोग करने के लिए बर्खास्त ज़िला पंचायत अध्यक्ष पर धोखाधड़ी का मुक़दमा दर्ज करवाया जा सकता है और सतर्कता निदेशालय से भी उनकी जांच करवाई जा सकती है.


सरकार वसूल सकती है करदाताओं का पैसा 

तिवारी कहते हैं भ्रष्टाचार की रकम की वसूली के लिए सविता चौधरी की संपत्तियों की जांच करवाकर उन्हें ज़ब्त किया जा सकता है और जिन दुकानों के निर्माण और आवंटन में वित्तीय अनिमितता साबित हुई है उनका आवंटन रद्द भी किया जा सकता है. टूजी घोटाले में केंद्र सरकार भी ऐसा कर चुकी है.

तिवारी कहते हैं कि सरकार चाहे तो करदाताओं के पैसे को डूबने से बचा सकती है, वसूल सकती है... बशर्ते वह चाहे.

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हाईकोर्ट ने दिया सरकार को झटका, सविता चौधरी को बहाल करने के दिए आदेश

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First published: October 18, 2019, 6:41 PM IST
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