4 दिन में ढाई गुना क्यों बढ़ गए टमाटर के दाम, 50 रुपए किलो पहुंची कीमत, जानें वजह
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4 दिन में ढाई गुना क्यों बढ़ गए टमाटर के दाम, 50 रुपए किलो पहुंची कीमत, जानें वजह
थोक मंडी में ही टमाटर 30 से 35 रुपये की दर से बिक रहा है और फुटकर में इसके दाम 50 से 60 रुपये हो गए हैं.

निरंजनपुर थोक मंडी में कोरोना वायरस (COVID-19) फैलने की वजह से थोक व्यापारियों ने रोकी टमाटर (Tomato rate) की सप्लाई, तो रसोई पर पड़ा असर.

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देहरादून. उत्तराखंड में टमाटर के दाम में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. जी हां, चार दिन में टमाटर के दाम (Tomato rate) ढाई गुना तक बढ़ गए हैं. उत्तराखंडवासियों, ख़ासकर गढ़वाल क्षेत्र को यह कीमत निरंजनपुर थोक मंडी में कोरोना वायरस (COVID-19) फैलने की वजह से चुकानी पड़ रही है. टमाटर व्यापारियों ने कोरोना के डर के चलते टमाटर की सप्लाई इस थोक मंडी में बंद कर दी थी, इसका असर देहरादून (Dehradun) के साथ ही उन सभी ज़िलों पर पड़ा है जहां इस मंडी से टमाटर जाते हैं.

स्थानीय फसल भी नहीं आ रही

टिहरी, मसूरी से आने वाला टमाटर देहरादून न पहुंच पाने के कारण भी टमाटर के दाम उछले  हैं. हालत यह है कि थोक मंडी में ही टमाटर 30 से 35 रुपए की दर से बिक रहा है और फुटकर में इसके दाम 50 से 60 रुपए हो गए हैं. 4 दिन पहले तक यह 20 रुपए प्रति किलो बिक रहे थे. थोक व्यापारियों के सप्लाई रोकने के साथ-साथ देसी फसल के बाजार तक न पहुंचने की वजह से भी उत्तराखंड के लोगों के घर की रसोई में असर पड़ रहा है.




हालांकि अब उत्तराखण्ड मंडी समिति इसकी रोकथाम में लग गई है. मंडी समिति के अध्य्क्ष राजेश शर्मा का कहना है कि मंडी समिति की तरफ से सात टमाटर के थोक व्यापारियों के साथ 70 कर्मचारियों की टीम को टिहरी, मसूरी और आसपास के जिलों में भेजा गया है. ये लोग वहां पर टमाटर का कलेक्शन करके लाएंगे, ताकि रेट कुछ हद तक कंट्रोल किए जा सकें.



शर्मा कहते हैं कि कि अगले एक महीने तक यह टीम इन ज़िलों में टमाटर के कलेक्शन का काम करेगी और 2 दिन में सप्लाई शुरू की जाएगी. इसके बाद ही उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में टमाटर के दाम में कमी आ सकती है. साथ ही लोगों को टमाटर के बढ़ते हुए दामों से निजात मिलने की उम्मीद है.
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