लाइव टीवी

ऐसे तो और फैलेगा कोरोना... प्रदेश भर में सामान खरीदने के लिए दुकानों पर लग रही भीड़, बचाव के उपाय यूपी से ही सीख लो सरकार
Dehradun News in Hindi

Rajesh Dobriyal | News18 Uttarakhand
Updated: March 25, 2020, 7:53 PM IST
ऐसे तो और फैलेगा कोरोना... प्रदेश भर में सामान खरीदने के लिए दुकानों पर लग रही भीड़, बचाव के उपाय यूपी से ही सीख लो सरकार
उत्तराखंड में सब्ज़ियों समेत आवश्यक वस्तुओं की दुकानें सिर्फ़ड 3 घंटे तक खुलने की वजह से अफ़रा-तफ़री मच रही है. देहरादून की सब्ज़ी मंडी में लोगों का ध्यान सोशल डिस्टेंसिंग नहीं जल्द से जल्द सब्ज़ी खरीदने पर था.

  • Share this:
देहरादून. मेन स्ट्रीम मीडिया के साथ ही सोशल मीडिया में भी कोरोना वायरस के ख़तरे को लेकर इतनी बातें की जा रही हैं कि इस बात से अब शायद ही कोई अनजान होगा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग ज़रूरी है. लेकिन इस पर अमल करने को लोग तैयार होते नहीं दिख रहे हैं. लॉकडाउन के दौरान उत्तराखंड में 7 से 10 बजे तक ज़रूरी सामान ख़रीदने के लिए छूट दी गई है और प्रदेश भर में लोग इस दौरान सब्ज़ियों, राशन, दवा की दुकानों पर टूट पड़ रहे हैं. एक बार भीड़ में किसी को भी संक्रमण हो गया तो बाकी दिन चुपचाप घर में बैठने का कोई फ़ायदा नहीं होने वाला.

मोहल्ले तक डिलीवरी 

पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में कोरोना से निपटने की प्रशासन और सरकार की तैयारियां छोटे से राज्य उत्तराखंड से कई गुना बेहतर नज़र आ रही हैं. न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के अनुसार गोरखपुर में भी सबज् मंडी में लोगों की भीड़ लग गई थी लेकिन प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए सब्ज़ियों और दूसरी ज़रूरी चीज़ों को मोबाइल वैनों के ज़रिए मोहल्लों तक पहुंचाया जा रहा है.

फुटकर में सब्ज़ी के दाम भी मंडी समिति ने तय किए जिसकी वजह से कालाबाज़ारी भी नहीं हो सकी.



'कर्फ़्यू वाला तरीका लखनऊ में नहीं'

लखनऊ से न्यूज़ 18 के सीनियर एसोसिएट एडिटर मनीष कुमार ने बताया कि वहां ज़रूरी चीज़ों की दुकानें चंद घंटों के बजाय पूरे समय के लिए खुल रही हैं ताकि लोगों में अफ़रा-तफ़री न मचे और उन्हें यह आश्वासन रहे कि सामान मिलने में कोई दिक्कत नहीं होगी. दो लोगों के बीच दूरी सुनिश्चित करने के लिए दुकानों के बाहर निश्चित दूरी निर्धारित करने के लिए चूने से गोले बनाए गए हैं, जहां व्यक्ति को खड़ा होना है.

मनीष बताते हैं कि उत्तराखंड में आवश्यक वस्तुओं की दुकानें 3 घंटे तक खोले जाने के आदेश के बाद उन्होंने डीसीपी, ईस्ट लखनऊ सुरेश चंद्र रावत से पूछा था कि क्या लखनऊ में भी ऐसा किए जाने पर विचार किया जाना चाहिए? जवाब में रावत ने इससे साफ़ इनकार कर दिया था.

रावत ने कहा कि चंद घंटे के लिए दुकानें खोलने का फ़ैसला कर्फ़्यू के समय किया जाता है और ऐसे में हमेशा ही लोगों में जल्द से जल्द और ज़्यादा से ज़्यादा सामान खरीदने की होड़ रहती है. ऐसा किया जाएगा तो सोशल डिस्टेंसिंग कायम नहीं रह सकती और यह कोरोना को फैलने से रोकने की सारी कोशिशों को बेकार कर देगी.

बात करने को तैयार नहीं अधिकारी 

अजीब लग सकता है कि यह आसान सी बात उत्तराखंड में किसी को समझ नहीं आई और इसी वजह से प्रदेश के हर शहर, कस्बे में सुबह 7 से 10 बजे के बीच दुकानों में भीड़ लग जा रही है. प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक की अपील सिर्फ़ इस ग़ैर-ज़िम्मेदाराना फ़ैसले से हवा हो जा रही है.

न्यूज़ 18 ने इस बारे में ज़िम्मेदार अधिकारियों से बात करने की कोशिश की लेकिन कहीं से कोई जवाब नहीं मिला. हमने प्रभारी स्वास्थ्य सचिव पंकज पांडे से इस बारे में जानना चाहा तो उन्होंने एनएचएम के एमडी युगल किशोर पंत से बात करने को कहा जो मीडिया से बात करने के लिए अधिकृत हैं.

युगल किशोर पंत ने सवाल मैसेज करने को कहा जो साढ़े पांच बजे से पहले दिया लेकिन दो घंटे बाद भी उनका कोई जवाब नहीं आया. हमने मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह को भी मैसेज किया लेकिन ख़बर लिखे जाने तक दो घंटे बीतने के बावजूद उनका भी कोई जवाब नहीं आया.

देहरादून की स्थिति पर बात करने के लिए हमने ज़़िलाधिकारी आशीष कुमार श्रीवास्तव को तो साढ़े चार बजे ही मैसेज किया था लेकिन उन्होंने भी जवाब देने की ज़रूरत नहीं समझी.

अगर किसी भी अधिकारी का कोई जवाब आता है तो हम उसे यहां ज़रूर शामिल करेंगे.

ये भी देखें: 

11 महीने के लिए 479 सर्जनों को रखने को कैबिनेट की मंज़ूरी, डीएम और मेडिकल कॉलेज भी कर सकेंगे भर्ती

न कोरोना का डर, न प्रशासन के डंडे की फिक्र... भीड़ भरे बाज़ार में धड़ल्ले से बिक रहा है मुर्गे-मछली का मांस

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देहरादून से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 25, 2020, 7:47 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर