तीरथ की कैबिनेट में रहा पुराने चेहरों का राज, यूंं साध लिए क्षेत्रीय-जातीय समीकरण

तीरथ सरकार में 8 कैबिनेट और तीन स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री होंगे.

तीरथ सरकार में 8 कैबिनेट और तीन स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री होंगे.

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अपनी कैबिनेट में जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने की पूरी कोशिश की. कुल 11 मंत्रियों में सात मंत्री त्रिवेंद्र सरकार में भी मंत्री रहे हैं जबकि पांच नए चेहरों को तीरथ कैबिनेट में जगह दी गई है.

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देहरादून. उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शुक्रवार को अपनी कैबिनेट का विस्तार किया. कैबिनेट में ज्यादातर पुराने चेहरे ही देखने को मिले लेकिन इस मंत्रिमंडल की खास बात यही है कि इसमें क्षेत्रीय और जातीय दोनों समीकरणों को साधने की भरपूर कोशिश की गई है. माना जा रहा है कि साल 2022 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर मंत्रिमंडल को अंतिम रूप दिया गया है ताकि सभी को प्रतिनिधित्व मिल सके. अटकलें लगाई जा रही थी कि तीरथ सिंह रावत कुछ पुराने मंत्रियों को हटाकर नए विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह देंगे लेकिन तीरथ सिंह रावत ने त्रिवेंद्र सरकार में मंत्री रहे सभी लोगों को अपने मंत्रिमंडल में भी जगह दे दी. केवल मदन कौशिक को मंत्रिमंडल से हटाया लेकिन उन्हें बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भारी भरकम जिम्मेदारी दे दी गई.

जानकार मानते हैं कि तीरथ सिंह ने असंतोष को थामने के लिए ये रास्ता अपनाया क्योंकि पुराने मंत्रियों में से पांच मंत्री कांग्रेस से बीजेपी में शामिल होकर मंत्री बने थे. कांग्रेस बैकग्राउंड के मंत्रियों को हटाना एक टेढ़ी खीर थी. कुल 11 मंत्रियों में सात मंत्री त्रिवेंद्र सरकार में भी मंत्री रहे हैं जबकि पांच नए चेहरों को तीरथ कैबिनेट में जगह दी गई है. तीरथ सरकार में 8 कैबिनेट और तीन स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री होंगे.

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पुरानी त्रिवेंद्र सरकार के जो चेहरे तीरथ मंत्रिमंडल में शामिल किए गए हैं, उनमें कैबिनेट मंत्री सतपाल माहाराज, हरक सिंह रावत, यशपाल आर्या, अरविंद पांडे, सुबोध उनियाल और स्वतंत्र प्रभार के मंत्री धन सिंह रावत और रेखा आर्या शामिल हैं. जिन लोगों को मंत्री बनने का मौका मिला है, उनमें नैनीताल के कालाढूंगी से विधायक निवर्तमान में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत, बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान में पिथौरागढ़ की डीडीहाट विधानसभा से विधायक बिशन सिंह चुफाल, मसूरी से विधायक गणेश जोशी को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. हरिद्वार ग्रामीण से विधायक स्वामी यतीश्वरानंद को स्वतंत्र प्रभार वाला राज्यमंत्री बनाया गया है.
गढ़वाल-कुमाऊ के क्षेत्रीय समीकरण को साधने की कोशिश

तीरथ सिंह मंत्रिमंडल के कुल 11 मंत्रियों में से कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, हरक सिंह रावत, सुबोध उनियाल, गणेश जोशी औऱ राज्यमंत्री धन सिंह रावत और यतीश्वरानंद का संबंध गढ़वाल से है जबकि कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत, बिशन सिंह चुफाल, यशपाल आर्या, अरविंद पांडे और राज्यमंत्री रेखा आर्या का ताल्लुक कुमाऊं मंडल से है.

साधे जातीय समीकरण



तीरथ सिंह सरकार के 11 मंत्रियों में कुल चार राजपूत मंत्री शामिल हैं जिनमें कैबिनेट मंत्री सतपाल माहाराज, हरक सिंह रावत, बिशन सिंह चुफाल और राज्यमंत्री धन सिंह रावत शामिल हैं. जिन ब्राह्मण विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है, उनमें बंशीधर भगत, अरविंद पांडे, सुबोध उनियाल और गणेश जोशी शामिल हैं. यशपाल आर्या और रेखा आर्या को दलित चेहरे के तौर पर मंत्रिमंडल में जगह मिली है. इनके अलावा, आर्य समाज परंपरा से जुड़े हुए स्वामी यतीश्वरानंद भी मंत्री बनाए गए हैं. इस लिहाज से देखा जाए तो तीरथ सिंह रावत ने मंत्रिमंडल गठन के जरिए राजपूत, ब्राह्मण और दलित समुदाय को एक साथ साधने की कोशिश की है.
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