ऑल वेदर रोड पर जल्दबाज़ी में काम कर रही है त्रिवेंद्र सरकार- कांग्रेस

प्रकाश पन्त ने कहा कि यह भारत सरकार का प्रोजेक्ट है और राज्य सरकार ने विधिवत अनुमति लेकर कार्य शुरू किया है.

ETV UP/Uttarakhand
Updated: March 13, 2018, 8:01 PM IST
ऑल वेदर रोड पर जल्दबाज़ी में काम कर रही है त्रिवेंद्र सरकार- कांग्रेस
ऑल वेदर रोड पर एनजीटी के रोक लगाने के बाद प्रतिपक्ष इन्दिरा ह्दयेश ने कहा कि सरकार जल्दबाज़ी में काम कर रही है.
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Updated: March 13, 2018, 8:01 PM IST
उत्तराखंड सरकार को एनजीटी से बड़ा झटका लगा है. पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट चार धाम ऑल वेदर रोड पर एनजीटी ने रोक लगा दी है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने अगली सुनवाई तक राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और सभी सम्बन्धित एजेंसियों को मामले में जल्द अपना पक्ष रखने के लिए कहा है. एनजीटी ने कहा है कि केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री को मिलाने वाली चारधाम हाईवे परियोजना को अलग-अलग टुकड़ों में बांटकर किया जा रहा काम फिलहाल रुका रहेगा.

चारधाम ऑल वेदर रोड के निर्माण को सिटीजन फॉर ग्रीन दून नाम की एक संस्था ने एनजीटी में जनहित याचिका दायर की थी. याचिका में आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर तो चारधाम हाइवे परियोजना के कामकाज का बोर्ड लगा है, लेकिन परियोजना निर्माण की मंजूरी वाले दस्तावेजों में ऐसा कुछ नहीं है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट चारधाम हाइवे परियोजना कुल 900 किलोमीटर की है और इसकी लागत 12 हजार करोड़ रुपये है. अब तक वन क्षेत्र में 356 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण का काम किया जा चुका है, जिसके लिए 25,303 पेड़ काटे जा चुके हैं. पर्यावरणीय मानकों और नियमों से बचने के लिए छोटे-छोटे टुकड़ों में सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है जबकि 100 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी की सड़क परियोजना में वन मंजूरी के अलावा पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन और पर्यावरण मंजूरी की जरूरत होती है. अभी 544 किलोमीटर हाइवे का निर्माण शेष है. ऐसे में आगे और पेड़ों की कटाई होगी, वनों को नुकसान होगा. जबकि इतनी बड़ी परियोजना के लिए सिर्फ वन मंजूरी नाकाफी है.

एनजीटी ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए चारधाम निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी. इसके बाद कांग्रेस ने सरकार और सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं.

नेता प्रतिपक्ष इन्दिरा ह्दयेश ने कहा कि सरकार जल्दबाज़ी में काम कर रही है. यही कारण है कि बिना पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति लिए ऑल वेदर रोड का काम शुरू कर दिया गया है.

इस मामले में कांग्रेस के हमलावर होने के बाद बीजेपी नेता सरकार के बचाव में उतर आए हैं. भाजपा  के राष्ट्रीय प्रवक्ता और उत्तराखंड से राज्यसभा प्रत्याशी अनिल बलूनी का कहना है कि विकास की कुछ न कुछ कीमत तो चुकानी पड़ती. लेकिन इसके साथ ही कहते हैं कि उत्तराखंड में विकास कार्य करने के लिए एनजीटी में इस मामले की पूरी तरीके से पैरवी की जाएगी.

कैबिनेट मंत्री प्रकाश पन्त के मुताबिक चारधाम ऑल वेदर रोड एक बहुत बड़ा ड्रीम प्रोजेक्ट है. इसमें सड़क बनानी है और सड़क ज़मीन पर ही बनेगी. प्रकाश पन्त ने कहा कि यह भारत सरकार का प्रोजेक्ट है और राज्य सरकार ने विधिवत अनुमति लेकर कार्य शुरू किया है.

बहरहाल सरकार अपना जो भी पक्ष रखे लेकिन एनजीटी के ऑल वेदर रोड के कामों पर रोक लगाना इस बात को साबित करता है कि सरकार ने इस चारधाम में बनने वाले महामार्ग में नियमों का पालन नहीं किया, बल्कि जल्दबाज़ी में अपनी वाहवाही करने के लिए सारे नियम ताक पर रख काम शुरू कर दिया.

(देहरादून से किशोर रावत की रिपोर्ट)

 
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