उत्तराखंड में सियासी उलटफेर, त्रिवेंद्र रावत के इस्तीफे के बाद बढ़ गई कांग्रेस नेताओं की चिंता

कांग्रेस में 2022 चुनाव को लेकर काफी सिर फुटव्वल देखने को मिल रहा है.

कांग्रेस में 2022 चुनाव को लेकर काफी सिर फुटव्वल देखने को मिल रहा है.

उत्तराखंड में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस्तीफे के साथ ही सियासी ड्रामे का अंत हो गया. अब नया सीएम की तलाश तेज हो गई है. आने वाले दिनों में इस ड्रामे का असर विपक्षी कांग्रेस पर भी पड़ना तय है.

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देहरादून. उत्तराखंड में ​पिछले तीन दिनों से जारी सियासी हलचल का अंत मंगलवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस्तीफे के साथ हुआ. हालांकि नए सीएम के चेहरे के लिए बुधवार तक इंतजार करना होगा लेकिन इतना तय है कि विधानसभा चुनाव से तकरीबन 11 महीने पहले हुए इस हाईप्रोफाइल सियासी ड्रामे ने 2022 के लिए नया पॉलीटिकल प्लेटफॉर्म सेट कर दिया है. आने वाले दिनों में इस ड्रामे का असर विपक्षी कांग्रेस पर भी पड़ना तय है, जहां सामूहिक नेतृत्व और चेहरा घोषित करने को लेकर बड़े नेताओं में बहस जारी है.

कांग्रेस नेताओं की बढ़ी चिंता

कांग्रेस में 2022 चुनाव को लेकर काफी सिर फुटव्वल देखने को मिल रहा है. बड़े नेताओं खेमेबंदी से घिरे हुए हैं. पूर्व सीएम और वर्तमान में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत जहां सोशल मीडिया में खुलेआम किसी नेता को 2022 के लिए कांग्रेस का चेहरा घोषित करने की पैरवी कर रहे हैं तो दूसरी तरफ प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश का खेमा इसके विरोध में खड़ा है.

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इंदिरा-प्रीतम का खेमा सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने की पैरवी करते हुए 2022 का चुनाव जीतने के बाद पार्टी के किसी नेता को सीएम बनाने की बात कर रहा है लेकिन बीजेपी आलाकमान ने जिस तरह से एकाएक त्रिवेंद्र सिंह रावत को कुर्सी से हटा दिया. उसके बाद कांग्रेस में भी सीएम के चेहरे पर बहस तेज हो सकती है. बीजेपी ने 57 विधायकों के जबरदस्त बहुमत से सीएम बने त्रिवेंद्र सिंह रावत को चार साल पूरे होने से पहले ही हटा दिया. ऐसे में अगर कांग्रेस के नेता भी पार्टी पर बड़े निर्णय लेने का दबाव बना सकते हैं. आने वाले समय में तस्वीर साफ होगी.
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