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मंत्री, पूर्व मंत्री, विधायक, सांसद सब लड़ेंगे बीजेपी-कांग्रेस के लिए निकाय की जंग

मंत्री, पूर्व मंत्री, विधायक, सांसद सब लड़ेंगे बीजेपी-कांग्रेस के लिए निकाय की जंग

congress, bjp flags

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कॉंग्रेस के पूर्व विधायक गणेश गोदियाल दावा करते हैं कि कॉंग्रेस के स्टार प्रचारक भाजपा पर भारी साबित होंगे.

    निकाय चुनावों के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ने भारी-भरकम स्टार प्रचारकों की फौज चुनावी मैदान में उतारी है. दोनों राजनीतिक दलों की सूची में हैवीवेट महारथी हैं. कांग्रेस के पास पूर्व मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता मौजूद हैं तो भाजपा के पास भी मंत्रियों और संगठन से जुड़े अनुभवी नेताओं की फौज   है.

    चुनाव किसी भी स्तर का हो वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए राजनीतिक दल स्टार प्रचारकों को अपनी टीम में शामिल करते हैं. राजनीतिक दलों के ये स्टार प्रचारक ही प्रत्याशियों की जीत के लिए उनके पक्ष में हवा बनने का काम करते हैं. उत्तराखंड के निकाय चुनाव में राज्य के दोनों प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी कर दी है.

    बीजेपी ने 48 स्टार प्रचारकों की जो सूची जारी की है उसमें सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत पूरी कैबिनेट और कई वरिष्ठ विधायक. स्टार प्रचारकों की लिस्ट में पांचों सांसद और राज्यसभा सांसद भी शामिल हैं. इनके अलावा प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री, प्रदेश प्रभारी और संगठन से जुड़े कई पदाधिकारी भी लिस्ट में हैं.

    कांग्रेस ने भी निकाय चुनाव की जंग जीतने के लिए स्टार प्रचारकों की एक बड़ी टीम तैयार की है. कांग्रेस  के पूर्व विधायक गणेश गोदियाल के मुताबिक कांग्रेस के स्टार प्रचारकों में वे लोग शामिल हैं जो संगठन से जुड़े रहे हैं और सरकारों में भी बड़े पदों पर रहे हैं. गोदियाल दावा करते हैं कि कांग्रेस के स्टार प्रचारक भाजपा पर भारी साबित होंगे.

    कांग्रेस की स्टार प्रचारकों की सूची में प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम, पूर्व सीएम हरीश रावत और सभी पूर्व मंत्री शामिल हैं. कांग्रेस के राज्यसभा सांसद, विधायकों और संगठन  से जुड़े लोगों को भी स्टार प्रचारकों भी लिस्ट में रखा गया है.

    हालांकि बीजेपी का दावा है कि सिर्फ़ स्टार प्रचारक नहीं वह संगठन की ताकत से भी जीतेगी. भाजपा के प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल कहते हैं कि कांग्रेस के पास संगठन नाम की कोई चीज़ ही नहीं है और भाजपा के पास मजबूत संगठन है इसलिए चुनाव में भाजपा ही भारी रहेगी.

    बहरहाल कौन किस पर भारी पड़ेगा तो यह तो चुनाव परिणाम ही बताएंगे लेकिन सच यह है अगर राजनीतिक दल जनता के लिए काम करें तो शायद चुनावों में बिना स्टार प्रचारकों के भी जीतने का विश्वास रखें.

    (किशोर रावत की रिपोर्ट)

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