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देहरादूनः Lockdown के बीच दो दोस्तों ने 12 दिनों में साइकिल से पूरी कर डाली चारधाम यात्रा

देहरादून के रहने वाले दो युवाओं ने साइकिल से की चारधाम यात्रा.

देहरादून के रहने वाले दो युवाओं ने साइकिल से की चारधाम यात्रा.

Lockdown के बीच कुछ अलग करने की सोच और सेहत के प्रति जागरूकता के संदेश के साथ देहरादून (Dehradun) के दो युवाओं ने चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) साइकिल से पूरी की.

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देहरादून. कोरोना वायरस (COVID-19) की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन (Lockdown) में क्रिएटिव आईडियाज की भरमार दिखी. इसी क्रम में देहरादून के दो दोस्तों ने साइकिल से चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) का प्लान बनाया और खास यह कि 12 दिन में ये यात्रा पूरी भी कर डाली. साइकिल से यात्रा (Cycle Tour) के पीछे इन दोनों नौजवानों का मकसद लोगों को सेहत के प्रति जागरूक करना है. देहरादून के अजबपुर कला के रहने वाले शशांक रोहिला और पंकज बिष्ट ने पिछले महीने 20 जुलाई को यात्रा शुरू की और 12 दिन बाद वापस देहरादून (Dehradun) लौट आए.

Unlock के बाद शुरू की यात्रा

लॉकडाउन के दौरान शशांक और पंकज लोगों को कुकिंग, इनडोर गेम्स या साइक्लिंग करते देख रहे थे. न्यूज 18 से बातचीत में बताया कि वे घर के आसपास लोगों को सुबह-शाम साइकिल चलाते देखते थे. इसे देखकर ही दोनों ने साइकिल से चारधाम यात्रा का प्लान बनाया. अनलॉक होने के बाद पिछले महीने 20 जुलाई को दोनों दोस्त साइकिल से चारधाम के लिए निकल पड़े. शशांक ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान कुछ अलग करने की सोच के तहत पंकज से बात की और साइकिल यात्रा की बात दिमाग में घर कर गई. उन्होंने बताया कि दोनों को साइक्लिंग का शौक है, इसलिए आइडिया आते ही इसे अमल में करने की योजना बन गई.



लॉकडाउन के दौरान कुछ अलग करने की सोच के साथ पंकज और शशांक ने साइकिल यात्रा का प्लान बनाया.

रास्ते में चेकिंग हुई तो बताई वजह

साइकिल से चारधाम यात्रा कर लौटे पंकज ने बताया कि अनलॉक होते ही हम दोनों निकल गए थे, लेकिन टिहरी पहुंचने के बाद चेकिंग प्वाइंट पर पुलिस ने रोक लिया. दोनों के पास मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं था, इसलिए अधिकारी परमिशन नहीं दे रहे थे. बातचीत के दौरान जब शशांक और पंकज ने अधिकारियों को साइक्लिंग के प्रति रुचि के बारे में बताया, तब उन्हें परमिशन दी गई.

पंकज बिष्ट कहते हैं कि हम चाहते थे कि लोग सेहत को लेकर जागरूक रहें. 10 मिनट की साइक्लिंग आपको फिट रख सकती है. जब हम दोनों चारधाम यात्रा साइकिल से कर सकते हैं, तो लोगों को अपने छोटे-मोटे काम के लिए भी साइकिल का इस्तेमाल करना चाहिए. शशांक ने कहा कि साइकिल चलाने से न सिर्फ हम लोगों की सेहत ठीक होती है, बल्कि इससे पर्यावरण प्रदूषण भी नहीं होता.
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