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पेपर लीक मामलाः 'भर्ती किंग' हाकम सिंह की गिरफ्तारी से हड़कंप, MLA ने कहा मंत्रियों व नौकरशाहों पर भी हो एक्शन

पेपर लीक मामलाः 'भर्ती किंग' हाकम सिंह की गिरफ्तारी से हड़कंप, MLA ने कहा मंत्रियों व नौकरशाहों पर भी हो एक्शन

भर्ती किंग के नाम से कुख्यात जिला पंचायत सदस्य की गिरफ्तारी पर भाजपा ने हाकम सिंह को निष्कासित किया.

भर्ती किंग के नाम से कुख्यात जिला पंचायत सदस्य की गिरफ्तारी पर भाजपा ने हाकम सिंह को निष्कासित किया.

STF ने पेपर लीक मामले में एक बड़ी गिरफ्तारी को अंजाम दिया तो सियासत के गलियारों से और भी नाम शक के दायरे में आ गए. जिला पंचायत सदस्य की गिरफ्तारी पर हरिद्वार ज़िले से एक विधायक का कहना है कि जिन हाई प्रोफाइल लोगों ने इस घोटाले को अंजाम दिया है, उन पर एक्शन नहीं हुआ तो सड़क पर बड़ा आंदोलन होगा.

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देहरादून. उत्तराखंड लोक सेवा चयन आयोग में हुए भर्ती पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने अभी तक 18 लोगों को अरेस्ट कर लिया है और अब भी कई लोग पुलिस की रडार में हैं. इनसे पूछताछ और सबूत कलेक्ट करने के बाद STF गिरफ्तारी कर सकती है. इधर, उत्तरकाशी में ‘भर्ती किंग’ के नाम से कुख्यात हो चुके जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह की गिरफ्तारी से राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई और बताया जा रहा है कि कुछ और हाई प्रोफाइल नाम भी इस मामले में संदेह के घेरे में हैं. इधर, खानपुर विधायक ने साफ कह दिया है कि इतने बड़े घोटाले को जिला पंचायत का कोई सदस्य अंजाम नहीं दे सकता, पुलिस को बड़ी मछलियों पर भी एक्शन लेना चाहिए.

एसटीएफ से मिली जानकारी के मुताबिक हाकम सिंह ने भर्ती परीक्षा में शामिल 30 से ज्यादा परीक्षार्थियों को पेपर साॅल्व करवाया था. आरोपी हाकम मोरी के नेटवाड में इंटर कॉलेज में अध्यापक तनुज की मदद लेता था और उसको भी इस काम के लिए मोटी रकम देता था. STF ने तनुज को शनिवार को अरेस्ट किया और उससे पूछताछ के बाद ही हाकम की गिरफ्तारी हुई. एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह का कहना है कि पेपर लीक मामले में अभी कुछ और हाई प्रोफाइल लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं, जिनसे जल्द पूछताछ के आधार पर गिरफ्तारी की जा सकती है.

अब सवाल है कि यह हाकम सिंह आखिर है कौन और इसका कच्चा चिट्ठा क्या रहा है? हाकम सिंह पहले एक आला अधिकारी का निजी फाॅलोअर यानी कुक था, जो प्राॅपर्टी डीलर बना और उसके बाद ग्राम प्रधान ‘भर्ती किंग’ के रूप में चर्चा में आया. मौजूदा समय मे जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह ने अपनी गिरफ्तारी पर मीडिया से कहा कि राजनैतिक द्वेष भावना के चलते उसको फंसाया गया है.

‘यदि पहले एक्शन होता तो टल जाता घोटाला’

इस मामले में खानपुर विधायक उमेश शर्मा ने कहा कि वन आरक्षी पेपर मामले में भी हाकम सिंह का नाम था, लेकिन कोविड का फायदा उठाकर इस आरोपी पर एक्शन नहीं हुआ. यदि सरकार उसी समय कार्रवाई करती, तो दोबारा इतना बड़ा घोटाला नहीं होता. उमेश कुमार ने यह भी कहा कि UKSSSC का किला एक अकेला जिला पंचायत सदस्य नहीं भेद सकता. इसमें मंत्री, बड़े नेता और नौकरशाहों का संरक्षण रहा, इसलिए उन्हें पकड़ना जरूरी है. कुमार ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस तरह के लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो वह बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे.

Tags: Paper Leak, Uttarakhand Police

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