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UKSSSC घोटालाः विवादों से जुड़ा रहा राजू का कार्यकाल, इस्तीफे के साथ किए विस्फोटक खुलासे, VDO एग्जाम होगा रद्द?

UKSSSC घोटालाः विवादों से जुड़ा रहा राजू का कार्यकाल, इस्तीफे के साथ किए विस्फोटक खुलासे, VDO एग्जाम होगा रद्द?

उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के प्रमुख रहे राजू ने इस्तीफा दिया.

उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के प्रमुख रहे राजू ने इस्तीफा दिया.

भर्ती परीक्षा में अब तक हुई गिरफ्तारियों में चार सरकारी कर्मचारी शामिल हैं. इनके अलावा, ज़िला पंचायत सदस्यों पर शक है, तो कुछ पूर्व अफसर भी जांच के दायरे में हैं. राजू ने नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए कहा कि आयोग पर लोगों का विश्वास कम होने के चलते वह इस्तीफा दे रहे हैं. लेकिन इस्तीफा देते हुए उन्होंने बड़े खुलासे भी कर डाले.

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देहरादून. उत्तराखंड में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं के पेपर लीक मामले में ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद बड़ी खबर यह है कि आयोग के अध्यक्ष एस राजू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. 2016 से अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष पद पर रहे एस राजू के कार्यकाल के दौरान हुई भर्तियों में विवाद का काफी गहरा नाता रहा. आयोग ने इस दौरान कुल 88 लिखित परीक्षाएं करवाईं, जिनमें से 7 परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायत आई और इनमें से दो एग्जाम आयोग ने खुद निरस्त किए और 5 मामलों में गड़बड़ी पाए जाने पर एफआईआर दर्ज करवाई थी.

एस राजू का कहना है कि अगर ऐसा ही होता रहा तो वीडीओ एग्जाम को भी रद्द किए जोन का फैसला लेना चाहिए. दरअसल परीक्षा में पेपर लीक का पहला मामला दिसंबर 2021 में हुई VDO की परीक्षा में सामने आया, जिसके बाद बेरोजगार संगठन ने लगातार एग्जाम को लेकर सवाल उठाए और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात भी की. इस मामले में एसटीएफ ने जांच शुरू की और हाल में कई गिरफ्तारियां कीं. हालांकि अब आयोग के अधिकारियों के साथ ही पूर्व अफसरों और कुछ सफेदपोशों के नाम भी इस धोटाले में उछल रहे हैं.

आयोग पर यह भी आरोप लगा कि ऑनलाइन एग्जाम के लिए ब्लैक लिस्टेड कंपनी से काम करवाया गया. इस पर राजू का कहना है कि एग्जाम के लिए आयोग ने एक पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई और इस कंपनी को राज्य सरकार या किसी दूसरी परीक्षा संस्था ने ब्लैकलिस्टेड घोषित नहीं किया था. कंपनी से आयोग ने लिखित एप्लीकेशन ली थी. ये सवाल भी उठे कि एग्जाम में पूछे गए सवालों में गलतियां होती रहीं, तो आयोग द्वारा दर्ज आपत्तियों में से 5.12 फीसदी ही स्वीकार की गईं.

राजनेता बनाते थे दबाव!

राजू ने ये भी गंभीर आरोप लगाया कि उनके ऊपर पॉलिटिकल प्रेशर भी काफी रहा, कई सफेदपोश अपने लोगों को भर्ती में फिट करवाना चाहते थे. हालांकि राजू ने साफ कहा कि वह दबाव में नहीं आए और उनका किसी नेता से कोई नाता नहीं रहा. राजू ने न्यूज़18 से खास बातचीत करते हुए एसटीएफ की हर जांच में सहयोग करने की बात कही, लेकिन एक बड़ा बयान ज़रूर दिया.

राजू ने कहा, पता हैं घोटालेबाज़ों के नाम!

राजू ने कहा कि उन्हें शुरू से पता था कि इन तमाम गड़बड़ियों के पीछे कौन लोग हैं, लेकिन उन्होंने नाम बताने से इनकार किया. राजू ने कहा, पुलिस को अपना काम करने दीजिए और पुलिस रिपोर्ट आने के बाद या ज़रूरत पड़ने पर वह खुलासा करेंगे. राजू ने अपने इस्तीफे देने पर सफाई देते हुए कहा कि भर्ती घोटाले से इनकार नहीं किया जा सकता और आयोग की छवि धूमिल होने के चलते उन्होंने नैतिक ज़िम्मेदारी ली है.

Tags: UKSSSC Job Vacancy, Uttarakhand Government

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