‘बजट संतुलित, समावेशी, विकासपरक... इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती और उद्योगों के विकास पर ज़ोर’

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट, मजबूत देश के लिए मजबूत नागरिक की संकल्पना को दर्शाता है.

News18 Uttarakhand
Updated: July 5, 2019, 5:39 PM IST
‘बजट संतुलित, समावेशी, विकासपरक... इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती और उद्योगों के विकास पर ज़ोर’
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने संतुलित, समावेशी और विकासपरक बजट पेश करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी है.
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Updated: July 5, 2019, 5:39 PM IST
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने संतुलित, समावेशी और विकासपरक बजट पेश करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट, मजबूत देश के लिए मजबूत नागरिक की संकल्पना को दर्शाता है. लगभग 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने की रूपरेखा रखी गई है. आम जन के कल्याण की योजनाओं के साथ-साथ देश में इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती और उद्योगों के विकास पर जोर दिया गया है. पांच साल में बुनियादी सुविधाओं पर 100 लाख करोड़ खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है.

पर्यटन को मजबूती मिलेगी 

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में 17 आइकॉनिक टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित किए जाएंगे. इससे निश्चित रूप पर्यटन को मजबूती मिलेगी. आम आदमी के साथ ही उद्योगों को बढ़ाने और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास जोर दे रहे हैं. नए औद्योगिक कोरिडोर बनाने का लक्ष्य रखा है, उड़ान से छोटे शहरों को हवाई सफर से जोड़ा है. वन नेशन वन ग्रिड व इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स छूट स्वागत योग्य है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे उद्यमियों का विशेष ध्यान रखा गया है. पीएम कर्मयोगी मानधन योजना से छोटे दुकानदारों को पेंशन का फायदा दिया जाएगा. एमएसएमई से ज्यादा रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है. एमएसएमई के लिए अलग पोर्टल बनाया गया है, छोटे मंझोले उद्योगों के लिए 59 मिनट में लोन पास की व्यवस्था की जा रही है. उच्च शिक्षण संस्थाओं की गुणवत्ता सुधारने पर पर भी फोकस किया गया है. राष्ट्रीय रिसर्च फाउंडेशन बनाने से क्वालिटी रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा.

केंद्र बिंदु में गांव, गरीब, किसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर योजना के केंद्र बिंदु में गांव, गरीब और किसान हैं. 2022 तक पीएम आवास योजना के तहत 1.95 करोड़ जरूरतमंदों को घर देने का लक्ष्य है, पिछले पांच साल में 1.5 करोड़ घर बनाए गए. हर गांव में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था की जाएगी. पीएमजीएसवाई के तहत 1.25 लाख किलोमाटर सड़कों का निर्माण और अपग्रेडेशन का लक्ष्य रखा गया है.

बांस, शहद और खादी पर आधारित 100 नए क्लस्टर बनाए जा रहे हैं. ज़ीरो बजट फार्मिंग व अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाने की पहल खास तौर पर उल्लेखनीय है. 10 हजार नए फार्मर-प्रोड्यूसर संगठन बनाए जाएंगे. एग्रो रूरल इंडस्ट्री सेक्टर में 75 हजार स्किल्ड एंटरप्रन्योर्स तैयार किए जाएंगे. मुद्रा योजना से प्रत्येक महिला को एक लाख तक का लोन का प्रावधान किया गया है. महिला एसएचजी  को जनधन अकाउंट से पांच हजार रुपए तक ओवरड्राफ्ट की सुविधा दी गई है.
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First published: July 5, 2019, 5:30 PM IST
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