यूपीसीएलः बिल्ली को ही सौंप दी दूध की रखवाली

satendra bartwal | News18India
Updated: November 15, 2017, 8:52 PM IST
यूपीसीएलः बिल्ली को ही सौंप दी दूध की रखवाली
satendra bartwal | News18India
Updated: November 15, 2017, 8:52 PM IST
ये कहावत तो आपने सुनी ही होगी कि बिल्ली को ही दूध की रखवाली करने के लिए रख दिया गया. समझ न आई हो तो उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के कारनामे को सुनिए. कॉर्पोरेशन ने घोटाले की जांच उसी को सौंप दी है जो आरोपी है.

उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड यानी कि यूपीसीएल में हुए ट्रिप रिले घोटाले के बारे में ख़बर न्यूज़ 18 में छपने के बाद यूपीसीएल के एमडी बीसीके मिश्रा ने आनन-फानन में जांच की घोषणा कर दी.

लेकिन ताजुब की बात ये कि घोटाले के दौरान जो अधिकारी इस घोटाले में शामिल थे उन्हें ही जांच के लिए नियुक्त कर दिया गया.

महकमे में ट्रिप रिले घोटाला मामले में जिन तीन अधिकारीयों को जांच सौंपी है उनमें से एक अधिकारी एमके जैन तत्कालीन कार्यवाहक एमडी रहे हैं और इनकी स्वीकृति से ही ये रिले पूरे प्रदेश में खरीदे गए हैं.

पीसी पाण्डेय ने रुद्रपुर में तत्कालीन अधीक्षण अभियंता के रूप में रुद्रपुर में करीब 14 ट्रिपिंग रिले खरीदने की स्वीकृति दी थी.

आखिर कैसे ये अधिकारी अपने ही खिलाफ क्या जांच करेंगे इसका पता पहले ही नहीं चल जाता है? क्या यह जांच के नाम पर इन्हें क्लीन चिट देना नहीं है?

सवाल यूपीसीएल के एमडी बीसीके मिश्रा पर भी उठता है कि क्या उन्हें इस घोटाले के बारे में पता नहीं था और नहीं तो यह उनके काम करने की क्षमता और कार्यशैली को बयां करता था.

ऐसा तो नहीं उन्होंने सिर्फ़ दिखावा करने के लिए ऐसी जांच बैठाई जिसका नतीजा पहले से सबको पता था. अगर ऐसा है तो यह उनकी नीयत पर सवाल उठाता है.

 
First published: November 15, 2017
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