लाइव टीवी

यूज़्ड कुकिंग ऑयल से देहरादून में बनेगा बायो-डीज़ल, 20 रुपये लीटर खरीदेगा आईआईपी

News18 Uttarakhand
Updated: December 6, 2019, 5:52 PM IST
यूज़्ड कुकिंग ऑयल से देहरादून में बनेगा बायो-डीज़ल, 20 रुपये लीटर खरीदेगा आईआईपी
भारतीय पेट्रोलियम संस्थान के निदेशक डॉक्टर रंजन रे ने कहा कि आईआईपी का इरादा है कि देश के कम से कम 10 प्रतिशत गांवों में इस्तेमाल किए जा चुके खाद्य तेल से बायो-डीज़ल बनाने का प्लांट लगाया जाए.

भारतीय पेट्रोलियम संस्थान के निदेशक डॉक्टर रंजन रे ने कहा कि तीन बार इस्तेमाल हो चुके खाद्य तेल से बायो-डीज़ल भी बनाया जा सकता है और जेट फ़्यूल भी.

  • Share this:
देहरादून. भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (IIP) में लगाए गए प्लांट में अब इस्तेमाल किए जा चुके खाद्य तेल (cooking oil) से बायो-डीज़ल (bio-diesel) बनाया जाएगा. शुक्रवार को होटल पेसिफिक में आयोजित एक समारोह में पहली रीपर्पज़ यूज़्ड कुकिंग ऑयल (रुको) एक्सप्रेस झंडी दिखाकर आईआईपी में लगाए गए प्लांट के लिए रवाना की गई. राज्य के सचिव एवं खाद्य सुरक्षा आयुक्त पंकज पांडेय, भारतीय पैट्रोलियम संस्थान के निदेशक रंजन रे और गति फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखा कर 300 लीटर यूज़्ड खाद्य तेल के साथ रुको एक्सप्रेस को रवाना किया.

यूज़्ड कुकिंग ऑयल का 90% बनेगा बायो-डीज़ल 

भारतीय पेट्रोलियम संस्थान के निदेशक डॉक्टर रंजन रे ने कहा कि तीन बार इस्तेमाल हो चुके खाद्य तेल से बायो-डीज़ल भी बनाया जा सकता है और जेट फ़्यूल भी. उन्होंने कहा कि आईआईपी का इरादा है कि देश के कम से कम 10 प्रतिशत गांवों में इस्तेमाल किए जा चुके खाद्य तेल से बायो-डीज़ल बनाने का प्लांट लगाया जाए. इससे एक तरफ जहां लोगों को घातक हो चुके खाद्य तेल से बचाया जा सकेगा, वहीं देश में आयात किए जाने वाले बायो-डीज़ल में भी कमी लाई जा सकेगी.

डॉक्टर रंजन रे ने बताया कि आईआईपी 20 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से यूज़्ड ऑयल खरीदेगा.  इस तेल का 90 प्रतिशत हिस्सा बायो-डीज़ल बनाया जा सकेगा. यानी 100 लीटर यूज़्ड कुकिंग ऑयल से लगभग 90 लीटर बायो-डीज़ल बनेगा. आईआईपी के सीनियर साइंटिस्ट डॉक्टर नीरज अत्रे ने इस मौके पर तेल से बायो-डीज़ल बनाने का प्रयोग करके भी दिखाया.

ट्रक में लग सकता है एक प्लांट 

उन्होंने कहा कि 50 लीटर तक यूज़्ड कुकिंग ऑयल से बायो-डीज़ल बनाने का प्लांट एक ट्रक में लगाया जा सकता है. बड़े कारोबारी बारी-बारी से इस प्लांट को अपने यहां मंगवाकर अपने खराब हो चुके तेल का बायो-डीज़ल बना सकते हैं.

खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉक्टर पंकज पांडेय ने होटलों, रेस्टोरेंट और खाद्य सामग्री बनाने वाले अन्य संस्थानों से अपील की कि वे तीन से ज़्यादा बार कुकिंग ऑयल का इस्तेमाल न करें और तीन बार इस्तेमाल के बाद बचा हुए तेल बायो डीज़ल बनाने के लिए दे दें.आत्मनिर्भर हो सकता है देश 

गति फाउंडेशन के अनूप नौटियाल ने बताया कि हर व्यक्ति एक महीने में लगभग डेढ़ लीटर खाद्य तेल इस्तेमाल करता है. वर्ष 2017 में देश में कुल 2,300 करोड़ टन इस्तेमाल किया गया था और 2030 तक इसके 3,400 टन प्रतिवर्ष पहुंचने की संभावना है. उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति का हिस्से का यूज़्ड कुकिंग ऑयल  जमा किया जाए तो देश बायो डीज़ल के उत्पादन में काफी हद तक आत्मनिर्भर हो जाएगा.

इस मौके पर खाद्य आपूर्ति विभाग के ज़िला और आईआईपी के कई अधिकारियों के साथ ही गति फाउंडेशन से जुड़े कार्यकर्ता भी मौजूद थे. आनंदम, कुमार स्वीट्स शॉप, बिस्ट्रो, ऐरोडिने ऐरोडिने, एल्लोरस और अन्य कई कैफे, मिठाई और होटल संचालक मौजूद रहे.

ये भी देखें: 

 

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देहरादून से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 6, 2019, 5:52 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर