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Uttarakhand Election: ... तो क्या BJP के 24 सिटिंग विधायकों का होने जा रहा पत्ता साफ

Uttarakhand Election: ... तो क्या BJP के 24 सिटिंग विधायकों का होने जा रहा पत्ता साफ

बीजेपी आगामी चुनावों में युवाओं पर दांव खेलने जा रही है.

बीजेपी आगामी चुनावों में युवाओं पर दांव खेलने जा रही है.

UK Assembly Election: विधानसभा चुनावों को देखते हुए अब बीजेपी ने अपना दांव खेलना शुरू कर दिया है. युवा प्रदेश, युवा मुख्यमंत्री के साथ ही अब युवा केंडिडेट का नारा बुलंद किया जा रहा है. बीजेपी इसके साथ प्रदेश की कुल जनसंख्या के 48 प्रतिशत युवाओं को साधने का प्लान बना रही है. वहीं ये सीधे तौर पर कांग्रेस पर भी हमला है. क्योंकि कांग्रेस के लगभग सभी नेता उम्रदराज हैं और पार्टी में युवाओं की कमी है. हालांकि बीजेपी के इस कदम के साथ पार्टी के कुछ नेताओं को आपत्ति जरूर है.

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देहरादून. उत्तराखंड में होने जा रहे विधानसभा चुनावों को देखते हुए अब बीजेपी नया दांव खेलेने जा रही है. युवा प्रदेश, युवा मुख्यमंत्री के बाद अब बीजेपी ने युवा कैंडिडेट का नारा बुलंद किया है. यदि ऐसा होता है तो कई पुराने विधायकों और नेताओं के लिए ये बुरी खबर साबित हो सकती है. उसका कारण है कि ऐसे में करीब 24 सिटिंग विधायकों का पत्ता साफ होना तय है. माना जा रहा है कि उत्तराखंड में मार्च तक नई सरकार अस्तित्व में आ जाएगी. अब इसको लेकर राजनीतिक पार्टियों ने भी अपनी जोड़ तोड़ शुरू कर दी है. बीजेपी की बात की जाए तो पार्टी ने दो सीएम बदलकर तीसरे सीएम के तौर पर युवा विधायक पुष्कर धामी को कुर्सी पर बैठा दिया. वहीं कांग्रेस ने पांच प्रदेशाध्यक्ष बनाकर क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने की कोशिश की.
बीजेपी ने आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कई इंटरनल सर्वे करवाए गए. इसके आधार पर तय किया गया कि एंटी इंकंबेंसी को कम करने के लिए कमजोर परफॉर्मेंस वाले सिटिंग विधायकों का टिकट काटा जाएगा. अब परिस्थितयां कुछ और बदलती दिख रही हैं. पार्टी का प्लान है कि युवा प्रदेश, युवा मुख्यमंत्री के नारे में अब युवा केंडिडेट भी जुड़ने वाला है.

धामी का खासा क्रेज
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि सीएम पुष्कर धामी का युवाओं में बहुत क्रेज है. मुख्यमंत्री के दौरों में ये साफ तौर पर देखा जा रहा है. उत्तराखंड में युवाओं की संख्या भी अच्छी खासी है. लिहाजा टिकट में युवाओं और महिलाओं को प्राथमिकता देना तो बनता है. यदि ऐसा हुआ तो बीजेपी में एक निश्चित ऐज ग्रुप पार कर चुके और पुअर परफार्मेंस वाले सिटिंग विधायकों का टिकट कटना तय है. पार्टी सूत्रों की माने तो इंटरनल सर्वे और ऐज लिमिट को देखते हुए करीब दो दर्जन से ज्यादा सिटिंग विधायक इसमें आ रहे हैं.

एक तीर दो निशाने
बीजेपी युवा सीएम, युवा प्रदेश, युवा कैंडिडेट के इस नारे से एक तीर से दो निशाने साधेगी. बीजेपी का ये नारा जहां उत्तराखंड में मौजूद 48 फीसदी युवा वोटर्स को रिझाने का काम करेगा, वहीं विपक्षी कांग्रेस पर भी ये सीधा अटैक होगा. कांग्रेस इलेक्शन कैम्पेन कमेटी के अध्यक्ष हरीश रावत 70 साल पार कर चुके हैं. दूसरी ओर उत्तराखंड बीजेपी में सबसे सीनियर आठवीं बार के मौजूदा विधायक हरबंश कपूर 75 साल के हो चुके हैं. कपूर इस बार भी दावेदार हैं. कपूर का कहना है कि बेशक युवाओं को प्रतिनिधित्व मिले, लेकिन उस क्षेत्र में विनिंग कैंडिडेट कौन है, ये भी जरूर देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा की अंततः सरकार बनाना ही सभी पार्टियों का मकसद होता है. कैबिनेट मंत्री हरीश रावत, गणेश जोशी भी इस पर मिलीजुली प्रतिक्रिया दे रहे हैं. दोनों मंत्रियों का कहना है कि युवाओं को आगे आना चाहिए, लेकिन अनुभव को भी जरूर तवज्जो दी जानी चाहिए.

Tags: BJP, Congress, Pushkar Dhami, Uttarakhand Assembly Election 2022, Uttarakhand news

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