उत्तराखंड: 2022 विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी 2 साल पहले ही करेगी शंखनाद

जेपी नड्डा तीन दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड आने वाले हैं.
जेपी नड्डा तीन दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड आने वाले हैं.

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी की तैयारियों को भांपने के लिए नवंबर अंत में उत्तराखंड आ सकते हैं.

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हल्द्वानी. उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव (Uttarakhand Assembly Elections) भले ही 2022 में होने वाला है, लेकिन सत्ता में बैठी बीजेपी (BJP) इसका शंखनाद 2020 में ही करने जा रही है. बीजेपी विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से बेहद गंभीर दिख रही है. बीजेपी चुनावों से पहले ऐसा चक्रव्यूह रचना चाहती है ताकि 70 विधायकों वाले राज्य की सत्ता उसी की गिरफ्त में रहे. और इस चक्रव्यूह की कमान खुद बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) संभालेंगे. जेपी नड्डा 2022 की चुनावी तैयारियों को भांपने के लिए नवंबर के अंत तक उत्तराखंड आ सकते हैं. अपने 3 दिवसीय उत्तराखंड दौरे में नड्डा बीजेपी के हर उस पदाधिकारी से बात करेंगे जो पार्टी की नीतियों और सरकार के कामों को आम लोगों के बीच ले जाएगा.

नड्डा के प्रस्तावित दौरे पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का तीन दिन का उत्तराखंड दौरा प्रस्तावित है. भगत के मुताबिक इस दौरान नड्डा सबसे पहले प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. इसके बाद नड्डा की योजना किसान मोर्चा, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सरकार के कामकाज का फीडबैक लेंगे. नड्डा बीजेपी के 14 जिले और महानगर अध्यक्षों से भी संवाद करेंगे. यही नहीं सरकार के मंत्रियों के साथ भी अलग से बैठक होगी. नड्डा की इन बैठकों से तय होगा कि 2022 में बीजेपी किस तरह से चुनावी मैदान में जाएगी.

नड्डा के दौरे पर कांग्रेस का हमला 
नड्डा के प्रस्वावित दौरे को लेकर विपक्ष अभी से हमलावर है. कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने नड्डा के दौरे पर सवाल उठाते हुए कहा है कि 57 विधायकों के साथ जोर-शोर से सत्ता में आई बीजेपी की डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश में कुछ काम नहीं किया है. ऐसे में नड्डा के दौरे का कोई मतलब नहीं.
हालांकि इंदिरा को जवाब देते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा है कि कांग्रेस अपने संगठन की चिंता करे. बीजेपी एक कैडर और विचार आधारित पार्टी है. और उसकी नीतियां अंतिम छोर में बैठे व्यक्ति को भी फायदा पहुंचा रही हैं. लिहाजा 2022 में बीजेपी का दोबारा सत्ता में आना तय है.





अभी ये है बीजेपी विधायकों की स्थिति 
2017 में हुए विधानसभा चुनावों में उत्तराखंड के भीतर बीजेपी की बंपर जीत हुई थी. राज्य की कुल 70 विधानसभाओं में से जागेश्वर, चकराता, भगवानपुर, धारचूला, हल्द्वानी, रानीखेत, जसपुर, पुरोला, पिरान कलियर, केदारनाथ, भीमताल और धनौल्टी को छोड़ अन्य सभी 57 विधानसभाओं में बीजेपी ने परचम लहराया था. ऐसे में 2022 बीजेपी के लिए नाक का सवाल है. यही वजह है कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अभी से 70 विधानसभाओं के अपने दौरे का पूरा रोड मैप तैयार कर चुके हैं. ताकि कार्यकर्ताओं को चार्ज किया जा सके.
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