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Uttarakhand Election : हाई प्रोफाइल तो हैं ही, रोमांचक भी हुईं ये दो सीटें... त्रिकोणीय होगा मुकाबला?

Uttarakhand Election : हाई प्रोफाइल तो हैं ही, रोमांचक भी हुईं ये दो सीटें... त्रिकोणीय होगा मुकाबला?

उत्तराखंड की कुछ सीटें त्रिकोणीय मुकाबले को लेकर चर्चा में हैं.

उत्तराखंड की कुछ सीटें त्रिकोणीय मुकाबले को लेकर चर्चा में हैं.

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में जिस बड़े फलक पर दलबदल की राजनीति (Defection Politics) हुई है, उसका असर खास तौर से टिहरी ज़िले (Tehri District) की सभी 6 सीटों पर पड़ सकता है. यहां BJP व कांग्रेस दोनों को ही शॉक लगने के आसार दिख रहे हैं. वहीं, हरिद्वार ज़िले (Haridwar District) में चूंकि मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है इसलिए एक बार फिर ध्रुवीकरण वाली ​राजनीति (Polarization) होने की तस्वीर साफ तौर पर दिख रही है. टिहरी में सस्पेंस के बाद कन्फ्यूजन और हरिद्वार में वोट बैंक के टेंशन को लेकर दो सीटें किस तरह हॉट हो गई हैं? देखिए.

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पुलकित शुक्ला/सौरभ सिंह
हरिद्वार/टिहरी. उत्तराखंड चुनाव में कई सीटें मुकाबले के नज़रिये से हाई प्रोफाइल होने के साथ ही दिलचस्प भी हो गई हैं. हम यहां हरिद्वार और टिहरी ज़िले की दो खास सीटों की बात कर रहे हैं. एक सीट है हाई प्रोफाइल हरिद्वार ग्रामीण सीट, जहां से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत और भाजपा सरकार के कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानंद प्रतिद्वंद्वी हैं. दूसरी सीट है टिहरी, जहां कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय बीजेपी से प्रत्याशी हैं, तो बीजेपी के टिकट पर विधायक रह चुके ध​नसिंह नेगी कांग्रेस से ताल ठोक रहे हैं. ये दो हाई प्रोफाइल सीटें खास इसलिए हैं क्योंकि यहां मुकाबला कांटे का दिख तो रहा है, लेकिन है असल में त्रिकोणीय.

साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भी हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा हॉट सीट थी क्योंकि तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत यहां से चुनाव लड़े थे. हालांकि तब रावत को हार का सामना करना पड़ा था. अब उनकी बेटी अनुपमा यहां से ताल ठोक रही हैं. उनके सामने पिता का बदला लेने की कठिन चुनौती है और रावत भी बेटी के लिए खूब प्रचार कर रहे हैं. अनुपमा जहां हरिद्वार ग्रामीण में कोई काम न होने का दावा कर रही हैं वहीं, तीसरी बार चुनावी मैदान में उतरे यतीश्वरानंद का कहना है कि कांग्रेस ने 60 सालों में देश के लिए कुछ नहीं किया इसलिए वोटर भाजपा को ही वोट देंगे.

टिहरी में सस्पेंस के बाद कन्फ्यूजन
ज़िले की 6 विधानसभा सीटों में से टिहरी सीट पर प्रत्याशियों को लेकर आखिरी वक्त तक सस्पेंस बना रहा और आखिरकार भाजपा और कांग्रेस ने एक दूसरे के नेताओं को टिकट दे दिया. यह सस्पेंस तो खत्म हुआ, लेकिन अब यहां दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं और वोटरों के बीच कन्फ्यूजन पैदा हो गया है. कार्यकर्ता प्रत्याशियों और पार्टियों के बीच बंटे हुए हैं, तो वोटर उपाध्याय और नेगी के आरोप प्रत्यारोप और सहानुभूति की सियासत से कन्फ्यूज़ हो रहे हैं.

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हरिद्वार ग्रामीण और टिहरी सीट पर भाजपा व कांग्रेस के उम्मीदवार.

दोनों हॉट सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय कैसे?
पूर्व कैबिनेट मंत्री और उत्तराखंड जन एकता पार्टी के अध्यक्ष दिनेश धनै टिहरी सीट से चुनावी रण में आ गए हैं. अब उपाध्याय बनाम नेगी कन्फ्यूजन में धनै अपने बेहतर चांस का दावा और उम्मीद कर रहे हैं. वहीं, हरिद्वार ग्रामीण सीट पर बसपा ने यूनुस अंसारी को प्रत्याशी बनाकर मुकाबला त्रिकोणीय कर दिया है. जानकार मान रहे हैं कि यहां वोट बंट जाएंगे और मामूली अंतर से हार जीत तय होगी. गौरतलब है कि इस विधानसभा में मुस्लिम वोटरों की बड़ी संख्या है. यह वही कारण है, जिससे पिछले चुनाव में हरीश रावत के समीकरण भी बिगड़े थे.

इधर, हरीश रावत सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे दिनेश धनै ने अपनी अलग पार्टी बना ली है और उत्तराखंड जन एकता पार्टी के बैनर पर वह खुद टिहरी से लड़ रहे हैं. धनै भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के दलबदल के बारे में वोटरों से कह रहे हैं कि टिहरी के विकास से किसी को कुछ लेना देना नहीं है. ये दोनों ही अपनी महत्वकांक्षाओं के मारे हैं. धनै चुटकी ले रहे हैं कि ‘दूल्हा बदला है, तो बारातियों में कन्फ्यूजन बहुत है.’

Tags: Uttarakhand Assembly Election, Uttarakhand politics

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