लोकायुक्त पर फिर बहस, कांग्रेस ने कहा लोकायुक्त लाना ही नहीं चाहती सरकार

संसदीय कार्यमंत्री ने कांग्रेस पर लोकायुक्त को कमज़ोर बनाने का आरोप लगाया और कहा कि लोकायुक्त अब सदन की संपत्ति है, सदन को तय करना है कि उसे कब पास करें?

Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: December 6, 2018, 5:32 PM IST
लोकायुक्त पर फिर बहस, कांग्रेस ने कहा लोकायुक्त लाना ही नहीं चाहती सरकार
उत्तराखंड लोकायुक्त कार्यालय (फ़ाइल फ़ोटो)
Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: December 6, 2018, 5:32 PM IST
लोकायुक्त का मुद्दा आज एक बार फिर विधानसभा में गूंजा. शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन लोकायुक्त के मुद्दे पर सरकार के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ. गुरुवार को विपक्ष ने लोकायुक्त के मुद्दे पर नियम 310 के तहत चर्चा की मांग की, जिसे स्पीकर ने नियम 58 के तहत स्वीकार किया. नियम 58 में सरकार द्वारा दिए गए जवाब से नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश संतुष्ट नहीं हुईं.

सदन में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकायुक्त नहीं लाना चाहती है, इसलिए इस मुद्दे पर जनता को सिर्फ़ भटका रही है. नेता विपक्ष ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और विपक्ष के पास उसके पर्याप्त सबूत भी हैं. बावजूद इसके सरकार लोकायुक्त को लेकर गंभीर नहीं है.

लोकायुक्त के मुद्दे को लेकर विपक्ष सरकार को सदन से लेकर सड़क तक घेरने की रणनीति बना रहा है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि सरकार ने चुनाव से पहले 100 दिन के भीतर लोकायुक्त लाने की बात कही थी लेकिन डेढ़ साल बीतने के बाद भी सरकार लोकायुक्त के मामले पर गंभीर नजर नहीं आ रही है.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में सरकार नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है और हाईकोर्ट के आदेशों से काम हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि लोग बीजेपी से त्रस्त आ गए हैं और कांग्रेस आम जनता के बीच जाकर इस मुद्दे को पुरज़ोर तरीके से उठाएगी.

बीजेपी ने भी वही बातें कहीं जो पिछले सात साल से पार्टी कमोबेश दोहरा रही है. संसदीय कार्यमंत्री ने कांग्रेस पर लोकायुक्त को कमज़ोर बनाने का आरोप लगाया और कहा कि लोकायुक्त अब सदन की संपत्ति है, सदन को तय करना है कि उसे कब पास करें?

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