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उत्तराखंड: CM रावत को केंद्रीय नेतृत्व ने किया दिल्ली तलब, विकल्प को लेकर चर्चा तेज

अब ऐसे में उत्तराखंड में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है. (फाइल फोटो)

अब ऐसे में उत्तराखंड में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है. (फाइल फोटो)

उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय (Arvind Pandey) ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत दिल्ली आ रहे हैं, लेकिन उनका ये रूटीन दौरा है.

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यतेंद्र शर्मा

देहरादून. उत्तराखंड में राजनीतिक परिस्थिति लगातार बदलती जा रही है. मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत (CM Trivendra Singh Rawat) की कार्यशैली से उनकी ही पार्टी के कई विधायक और मंत्री नाराज बताये जा रहे हैं, जिसके कारण आलाकमान भी राज्य की परिस्थितियों पर पल पल की नजर रख रहा है. सूत्रों की मानें तो उत्तराखंड सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत की कार्यशैली से कई मंत्री, विधायक और सांसद नाराज हैं. उनका आरोप है कि ना तो मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत उनकी समस्याओं के समाधान पर ध्यान देते हैं और न ही उनके अधिकारी उनको गंभीरता से लेते हैं.

जेपी नड्डा को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे
बता दें कि आज ही सुबह खबर सामने आई थी कि उत्तराखंड भाजपा की कोर ग्रुप की अचानक हुई बैठक और उसमें केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में पार्टी उपाध्यक्ष और महासचिव व राज्य प्रभारी दुष्यंत गौतम की उपस्थिति ने राज्य सरकार में कुछ बड़े परिवर्तन की अटकलों को हवा दे कर प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा दिया है. अलग-अलग हुई बैठकों के बाद दोनों केंद्रीय नेता दिल्ली लौट गए. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पार्टी के नेता रमन सिंह और दुष्यंत गौतम विधायकों व सांसदों से हुई बातचीत के बारे में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे.
गैरसैंण से तत्काल देहरादून बुला लिया गया


प्रदेश इकाई की कोर ग्रुप की यह बैठक पहले से प्रस्तावित नहीं थी और यह ऐसे समय बुलाई गई जब प्रदेश की नई ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में राज्य विधानसभा का महत्वपूर्ण बजट सत्र चल रहा था. बैठक की सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को गैरसैंण से तुरंत देहरादून वापस आना पड़ा. आनन- फानन में बजट पारित करा कर सत्र भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया और भाजपा विधायकों को भी गैरसैंण से तत्काल देहरादून बुला लिया गया.

बैठक में हर सदस्य से अलग-अलग बातचीत
वहीं, दो घंटे से भी ज्यादा समय तक चली कोर ग्रुप की बैठक में राज्य सभा सदस्य नरेश बंसल, टिहरी से लोकसभा सदस्य माला राज्यलक्ष्मी शाह, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, नैनीताल से लोकसभा सदस्य अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक सहित पार्टी के प्रदेश संगठन के भी अहम नेता मौजूद रहे. पार्टी सूत्रों ने बताया कि रमन सिंह ने कोर ग्रुप की बैठक में मौजूद हर सदस्य से अलग- अलग बातचीत की. बाद में रमन सिंह मुख्यमंत्री के सरकारी आवास में भी गए जहां पार्टी के करीब 40 विधायक मौजूद थे. कोर ग्रुप की बैठक के बाद सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय भी गए.

रावत के विकल्प के बारे में भी पूछा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को भी कोर ग्रुप की बैठक में शरीक होना था, लेकिन किसी कारणवश वह नहीं पहुंच पाए. हालांकि, रमन सिंह के दिल्ली लौटने से पहले यहां जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर निशंक ने उनसे मुलाकात की. इतनी तेजी से हुए घटनाक्रम ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज कर दी हैं. ऐसी सुगबुगाहट है कि केंद्रीय नेतृत्व रावत के विकल्पों पर विचार कर रहा है. एक विधायक ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा कि केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने उनसे रावत के विकल्प के बारे में भी पूछा.
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