टनकपुर बैराज के पास नो मैंस लैंड पर फेंसिंग को लेकर भारत-नेपाल की बैठक फिर बेनतीजा
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टनकपुर बैराज के पास नो मैंस लैंड पर फेंसिंग को लेकर भारत-नेपाल की बैठक फिर बेनतीजा
भारत और नेपाल के बीच सीमा विवाद को लेकर मंगलवार को हुई बैठक एक बार फिर से बेनतीजा रही

भारत और नेपाल (India And Nepal) के अधिकारी बॉर्डर विवाद पर कुछ भी स्पष्ट बोलने से बचते हुए दिखे. जहां भारत के अधिकारी बोले कि दोनों देशों के बीच हुई बैठक में बॉर्डर से जुड़े मुद्दे पर बातचीत हुई है. वहीं नेपाल के अधिकारी कह रहे हैं कि भारत के साथ सभी विवाद एक-एक कर सुलझा लेंगे

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 4, 2020, 9:31 PM IST
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चंपावत. टनकपुर बैराज (Tanakpur Barrage) के निकट इंडो नेपाल बॉर्डर (India-Nepal Border) के मिसिंग पिलर 811 के नो मैंस लैंड (No Mans Land) पर नेपाली नागरिकों द्वारा अतिक्रमण किए जाने के मुद्दे पर मंगलवार को भारत और नेपाल (India And Nepal) के अधिकारियों के बीच एसएसबी कैंप में बैठक हुई. लेकिन दोनों देशों के बीच हुई बैठक इस बार भी बेनतीजा रही. बैठक के बाद भारत और नेपाल के अधिकारी बॉर्डर विवाद पर कुछ भी स्पष्ट बोलने से बचते हुए दिखे.

जहां भारत के अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों के बीच हुई बैठक में बॉर्डर से जुड़े मुद्दे पर बातचीत हुई है. वहीं नेपाल के अधिकारी ने कहा कि भारत के साथ सभी विवाद एक-एक कर सुलझा लेंगे. लेकिन न्यूज़ 18 के नो मेंस लैंड में किए अतिक्रमण के सवाल पर दोनों तरफ के अधिकारी ने फिलहाल कोई निर्णय नहीं निकलने की बात कही. बता दें कि बीते 22 जुलाई को बैराज मिसिंग पिलर 811 के निकट नेपाली नागरिकों  तारबाड़ पौधरोपण का मामला आया था

भारत-नेपास के बीच हुई बैठक से मीडिया को रखा गया था दूर



दोनों देशों के अधिकारियों ने बैठक को अनौपचारिक बताया. दो घंटे तक चली इस बैठक से मीडिया को दूर रखा गया था. बैठक के बाद चंपावत के जिलाधिकारी (डीएम) एस.एन पांडेय ने कहा कि यह मात्र अनौपचारिक बैठक थी. इसमें कोई निर्णय नहीं लिया गया. मात्र दोनों देशों के बीच इस दौरान जो भी गतिविधियां हुईं, उस पर विस्तार से चर्चा की गई. स्थायी समाधान निकलने तक यथास्थिति बनी रहेगी. स्थितियों को बिगड़ने नहीं देंगे. मिसिंग पिलर को री-लोकेट (Relocate) करने के लिए जल्द सर्वे किया जाएगा.
वहीं नेपाल के कंचनुपर के सीडीओ नूर हरि खतियोड़ा ने कहा कि यह बैठक निर्णय करने वाला नहीं है. दोनों देशों के बीच जो भी दिक्कतें और परेशानी हो रही है, उन पर चर्चा की गई है. इसमें कोई निर्णय नहीं लिया गया. नो मैंस लैंड पर अतिक्रमण की जो बात आ रही है उसे तकनीकि टीम देखेगी. हालांकि दोनों देशों के अधिकारियों ने एक ही बात कही कि जब तक मिसिंग पिलर 811 का सर्वे कर रिलोकेट नहीं होता तब तक यथास्थिति बनी रहेगी. सर्वे जल्द शुरू करने के लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जाएगा.
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