हाईकोर्ट के आदेश के बाद निकाय चुनाव में फंसा पेंच, असमंजस में सभी प्रत्याशी

नैनीताल हाईकोर्ट ने स्थानीय निकायों के सीमा विस्तार की अधिसूचना और शासनादेशों को निरस्त कर दिया था.

ETV UP/Uttarakhand
Updated: March 14, 2018, 2:31 PM IST
हाईकोर्ट के आदेश के बाद निकाय चुनाव में फंसा पेंच, असमंजस में सभी प्रत्याशी
नैनीताल हाईकोर्ट
ETV UP/Uttarakhand
Updated: March 14, 2018, 2:31 PM IST
उत्तराखंड सरकार के लिए आगामी निकाय चुनाव करवाना किसी चुनौती से कम नहीं है. निकाय चुनाव को लेकर प्रदेश में पेंच फंसता जा रहा है. हाईकोर्ट में निकायों के सीमा विस्तार को रद्द करने से निकाय चुनाव की तिथि पर भी असर पड़ा है. जिसको लेकर सभी पार्टियां और प्रत्याशी भी असमंजस में दिखाई दे रहे हैं. 9 मार्च को नैनीताल हाईकोर्ट ने स्थानीय निकायों के सीमा विस्तार की अधिसूचना और शासनादेशों को निरस्त कर दिया था.

हाइकोर्ट ने निकाय सीमा विस्तार को रद्द करते हुए सरकार को निकाय विस्तार के लिए नई अधिसूचना जारी कर ग्रामीणों को सुनवाई का मौका देने का निर्देश दिया था. बता दें कि सरकार ने 46 निकायों का विस्तार करने की अधिसूचना जारी की थी. जिसमें 40 से अधिक गांवों को शामिल करने का विरोध कर में से 39 गांवों ने याचिका दायर की थी.

हाईकोर्ट के इस फैसले का नगर निकाय चुनाव की तारीख पर असर पड़ता दिखाई दे रहा है. सरकार और निर्वाचन आयोग दोनों का मानना है कि तय समय पर चुनाव में अब भी कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन बड़ा सवाल आखिर कब होगी. नगर निकाय चुनाव की तारीख घोषित ना होने से राजनैतिक दल और प्रत्याशी दोनों असमंजस में दिखाई पड़ रहे हैं.

निर्वाचन आयोग ने सरकार को प्रारंभिक कार्यक्रम भेजा दिया है. सरकार से परामर्श के बाद निर्वाचन आयोग अंतिम कार्यक्रम तय करेगी. प्रदेश में 3 मई तक निर्वाचन बोर्ड का गठन किया जाना है, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद सभी असमंजस में दिखाई दे रहे हैं.

नैनीताल हाईकोर्ट के निकाय सीमा विस्तार का शासनादेश निरस्त हो जाने के बाद निकाय चुनाव की तारीख की घोषणा न होना सरकार के लिए गले की फांस बनती जा रही है. देखना होगा कि निर्वाचन आयोग द्वारा भेजे प्रारंभिक कार्यक्रम पर सरकार क्या निर्णय लेती है.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर