सचिवालय में फ़र्ज़ी नियुक्ति पत्र मामले में CS से मिले कांग्रेसी, उच्चस्तरीय जांच की मांग

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने माना कि मामला गंभीर है और आश्वासन दिया कि इसकी जांच की जाएगी.

News18 Uttarakhand
Updated: June 14, 2018, 8:09 PM IST
सचिवालय में फ़र्ज़ी नियुक्ति पत्र मामले में CS से मिले कांग्रेसी, उच्चस्तरीय जांच की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि बड़ी संख्या मे बिना किसी विभागीय मिलीभगत के ऐसे काम नहीं हो सकते.
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Updated: June 14, 2018, 8:09 PM IST
सचिवालय में फर्जी नियुक्ति पत्र देकर नौकरी दिलाए जाने मामले को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह की अध्यक्षता में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडलस मुख्यसचिव से मिला और इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा.

बता दें कि देहरादून सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर हुई ठगी का खुलासा तब हुआ जब चार युवक सचिवालय में नियुक्ति पत्र लेकर ज्वाइन करने पहुंच गए. नियुक्ति पत्र पर संयुक्त सचिव सचिवालय प्रशासन सुनील सिंह के हस्ताक्षर थे. सुरक्षा अधिकारी जीवन सिंह बिष्ट ने नियुक्ति पत्र की जांच की तो पता चला कि संयुक्त सचिव के फर्जी हस्ताक्षर से नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं.

शुरुआती जांच में इस मामले में अपर सचिव के निजी स्टाफ समेत दो लोगों की मिलीभगत सामने आई. शनिवार को सचिवालय के अनुभाग अधिकारी की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर कोतवाली की धारा पुलिस चौकी में दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया.

हेमंत बोरा, प्रवेश बोरा, सुनील सिंह व आदित्य कन्याल को कोटद्वार के संदीप बिष्ट इस ने फर्जी नियुक्ति पत्र दिए थे. उसे पकड़ा गया तो संदीप ने बताया कि नियुक्ति के लिए उसने चारों युवकों से 60-60 हजार रुपये लिए थे. सुरक्षा अधिकारी उसे पुलिस को सौंपने की तैयारी कर ही रहे थे कि तभी सचिवालय के एक अधिकारी ने बीचबचाव किया और संदीप को छोड़ दिया गया.

सचिवालय के भीतर चल रहे इस खेल की जानकारी उच्चाधिकारियों को मिली तो शुक्रवार देर रात इस मामले में कोतवाली पुलिस को तहरीर भेज दी गई. अनुभाग अधिकारी अरविंद चंदोला की ओर से दी गई तहरीर में संदीप के साथ इस खेल में शामिल में एक अपर सचिव के निजी स्टॉफ में चतुर्थ श्रेणी के पद पर तैनात चंचल की भी मिलीभगत बताई गई है.

आज इसी मामले को लेकर कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल मुख्य सचिव से मिलने पहुंचा था कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने मुख्य सचिव से कहा कि कहा कि सचिवालय में पैसे देकर फर्जी भर्ती किया जाना बड़ा गंभीर मामला है इस पर सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिए.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि बड़ी संख्या मे बिना किसी विभागीय मिलीभगत के ऐसे काम नहीं हो सकते.

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने माना कि मामला गंभीर है और आश्वासन दिया कि इसकी जांच की जाएगी. उन्होंने कहा कि दोषी किसी भी स्तर का हो, बख़्शा नहीं जाएगा.

(किशोर रावत की रिपोर्ट)
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