शराब के दुकानों के आवंटन में देरी, कांग्रेस बोली माफियाओं के दबाव में सरकार

उत्तराखंड में नई आबकारी नीति लागू होने के बाद शराब की दुकानों के आवंटन का इंतजार हो रहा है.

ETV UP/Uttarakhand
Updated: March 14, 2018, 6:07 PM IST
शराब के दुकानों के आवंटन में देरी, कांग्रेस बोली माफियाओं के दबाव में सरकार
(फाइल फोटो)
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Updated: March 14, 2018, 6:07 PM IST
उत्तराखंड में आबकारी विभाग सरकार की आय का बड़ा जरिया है. उत्तराखंड कैबिनेट नई आबकारी नीति पर अपनी मुहर लगा चुका है. अब नई आबकारी नीति लागू होने के बाद शराब की दुकानों के आवंटन का इंतजार हो रहा है. कांग्रेस आरोप लगा रही है कि सरकार पूरी तरह से शराब माफियाओं के दबाव में है इसलिए नई दुकानों के आवंटन में देरी हो रही है.

एक साल पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हाईवे से शराब की दुकानें दूर शिफ्ट हो गई. इस शिफ्टिंग का जमकर विरोध भी हुआ. इस पर वक्त के साथ सरकार ने मसलों का हल खोजा और विरोध कम होता चला गया. अब कैबिनेट नई आबकारी नीति पर मुहर लगा चुकी है.

नई शराब की दुकानों के आवंटन का जिसके लिए काफी कम वक्त बचा है, हालांकि आबकारी मंत्री प्रकाश पंत का कहना है कि 1 अप्रैल से नई आबकारी नीति लागू हो जाएगी. ऐसा पहली बार होगा जब शराब की दुकानों का आवंटन ई-टेंडरिंग के जरिए होगा.

इसके साथ ही सरकार शराब की तस्करी पर लगाम लगाने की बात कर रही है, लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी सरकार पूरी तरह शराब माफियाओं को दवाब में है और उसी को देखते हुए फैसले लिए जा रहे है.

 

विशेषज्ञों का भी मानना है कि सरकार चाहे किसी की हो शराब और राजनीति का गहरा रिश्ता है और इन दोनों का अलग हो पाना मुश्किल है. उत्तराखंड बने 17 साल हो चुके हैं, लेकिन हैरानी की बात है कि राज्य को कभी उर्जा प्रदेश, कभी पर्यटन प्रदेश बताने वाली सरकारें आज भी आमदनी के लिए शराब पर निर्भर हैं.

(दीपांकर भट्ट की रिपोर्ट)
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