उत्तराखंड के भक्तों के लिए शुरू हुई चारधाम यात्रा, इन नियमों का करना होगा पालन
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उत्तराखंड के भक्तों के लिए शुरू हुई चारधाम यात्रा, इन नियमों का करना होगा पालन
बुधवार से शुरू हुए चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को कड़े नियमों का पालन करना होगा (फोटो: ANI)

उत्तराखंड देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड (Uttarakhand Devasthanam Board) की वेबसाइट पर पहले दिन बदरीनाथ धाम (Badrinath Dham) के लिए 154, केदारनाथ धाम के लिए 165, गंगोत्री हेतु 55 और यमुनोत्री धाम के लिए 48 लोगों ने ई-पास (E-Pass) के लिए आवेदन किया

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देहरादून. उत्तराखंड (Uttarakhand) के निवासियों के लिए बुधवार से चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) शुरू हो गई. बुधवार को पहले दिन 422 लोगों ने ई-पास (E-Pass) के लिए आवेदन किया. उत्तराखंड देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड (Uttarakhand Devasthanam Board) की वेबसाइट पर पहले दिन बदरीनाथ धाम के लिए 154, केदारनाथ धाम के लिए 165, गंगोत्री हेतु 55 और यमुनोत्री धाम के लिए 48 लोगों ने ई-पास के लिए आवेदन किया.

बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रमन रविनाथन ने बताया कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में थर्मल स्क्रीनिंग, सैनेटाइजेशन, मास्क आदि की व्यवस्था की गई है. उन्होंने बताया कि मंदिर में मूर्तियों को छूने और प्रसाद वितरण पर रोक है. साथ ही घंटियों को भी कपड़े से ढका गया है. बदरीनाथ धाम और केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गुप्तकाशी और सोन प्रयाग में यात्री विश्राम गृहों को यात्रियों के आवासीय प्रयोजन के लिए खोला जा चुका है.


रमन ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि चारों धामों में धीरे-धीरे तीर्थ यात्रियों की आमद हो ताकि पर्यटन एवं तीर्थाटन को गति मिल सके. वहीं अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी सिंह ने बताया कि बोर्ड ने आवश्यकतानुसार स्टाफ की भी तैनाती की है. साथ ही व्यवस्था हेतु जिला प्रशासन से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है.



पोर्टल के प्रभारी संजय चमोली के अनुसार ई- पास के लिए श्रद्धालुओं द्वारा लगातार संपर्क किया जा रहा है. बता दें कि उत्तराखंड सरकार के नियंत्रण वाले चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड ने 29 जून को राज्य के निवासियों को एक जुलाई से बदरीनाथ, केदारनाथ सहित सभी चार धामों के दर्शन की सशर्त अनुमति दे दी थी. (भाषा से इनपुट)
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