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Gym में पसीना बहाएंगे गजराज, उत्तराखंड के राजाजी टाइगर रिजर्व में हाथियों के लिए बना 'कसरतघर'

राजाजी टाइगर रिजर्व के एलीफेंट कैंप के बनाए गए जिम्नेजियम में छह हाथी हैं जो खुद को फिट रखते हुए खूब मौज-मस्ती करते हैं

राजाजी टाइगर रिजर्व के एलीफेंट कैंप के बनाए गए जिम्नेजियम में छह हाथी हैं जो खुद को फिट रखते हुए खूब मौज-मस्ती करते हैं

एलीफेंट कैंप (Elephant Camp) में हाथियों को खाने-पीने की पूरी सुविधा होती है लेकिन जंगल जैसा स्वच्छंद विचरण का आनंद नहीं मिल पाता. इस जिम्नेजियम (Gymnasium) में हाथियों को कुछ भी करने को मजबूर नहीं किया जाता बस उन्हें प्राकृतिक माहौल दिया जाता है, जिससे कि वो स्वाभाविक तौर पर एक्टिविटी कर सकें

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देहरादून. आपने इंसानों के कसरत करने के लिए जिम तो सुना होगा लेकिन क्या हाथियों (Elephant) के लिए भी जिम (Gym) की बात कभी देखी और सुनी है. जी हां, उत्तराखंड (Uttarakhand) के राजाजी टाइगर रिजर्व (Rajaji Tiger Reserve) में हाथियों के लिए जिम्नेजियम बनाया जा रहा है. जहां हाथी बॉल से लेकर टायर रिंग और मिट्टी के ढेर से खेलते हुए, मौज-मस्ती करते हुए मिल जाएंगे. राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में दरअसल एलीफेंट कैंप (Elephant Camp) है. इस कैंप में इन दिनों छह हाथी मौजूद हैं जो जंगल में या तो अपने झुंड से बिछड़ गए थे या फिर उत्पात मचाने पर फॉरेस्ट डिपार्टमेंट (Forest Department) की टीम को उन्हें कैप्चर करना पड़ा था. इसमें वो एडल्ट और सब एडल्ट हाथी भी हैं जो जंगल में अपनी मां से बिछड़ गए थे या किन्हीं अन्य कारणों से अलग-थलग पड़ गए.

राजाजी टाइगर रिजर्व की सीनियर वेटनरी अफसर डॉ. अदिति शर्मा इन हाथियों का हेल्थ चेकअप से लेकर उनको मेडिकल ट्रीटमेंट तक देती हैं. अदिति कहती हैं कि कैंप में हाथियों को खाने-पीने की पूरी सुविधा होती है लेकिन जंगल जैसा स्वच्छंद विचरण का आनंद नहीं मिल पाता. इस जिम्नेजियम में हाथियों को कुछ भी करने को मजबूर नहीं किया जाएगा बस उन्हें प्राकृतिक माहौल दिया जाएगा, जिसमें वो स्वाभाविक तौर पर एक्टिविटी कर सकें. अदिति कहती हैं इससे हाथियों को मेंटल स्ट्रेस नहीं होगा और वो स्वस्थ रहेंगे. वो कहती हैं कि उनका एक सपना हाथियों के लिए इस तरह का एक जिम्नेजियम का था. अभी इसमें बहुत कुछ किया जाना बाकी है. यह देश की पहली हाथी व्यायामशाला होगी. मैं चाहती हूं कि वाइल्ड लाइफ वेलफेयर के क्षेत्र में एक बेहतर उदाहरण बने.

एलीफैंट कैंप में दो लोगों की जान लेने वाला एक बिगड़ैल हाथी भी

यूं तो इस एलीफेंट कैंप में छह हाथी हैं. लेकिन इनमें एक बिगड़ैल हाथी भी है जिसने 2017-18 में हरिद्वार क्षेत्र में दो लोगों की जान ले ली थी. तब राजाजी टाइगर रिजर्व के तत्कालीन डायरेक्टर सनातन सोनकर, जिन्हें लोग फील्ड मार्शल के नाम से भी जानते हैं, उनके नेतृत्व में अदिति शर्मा ने इस बिगड़ैल हाथी को ट्रेंकुलाइज किया था. ट्रेंकुलाइज की डार्ट लगने के बाद यह हाथी जंगल में भाग गया था. करीब 30 घंटे से अधिक समय तक चले इस ऑपरेशन में हाथी को रेडियो कॉलर टैग कर वापस जंगल में छोड़ दिया गया था. यह उत्तराखंड वन विभाग के इतिहास में पहला ऐसा हाथी था जिसे मैन एनीमल कन्फलिक्ट के कारण कॉलर किया गया था.

करीब नौ महीने बाद नवंबर 2018 में यह हाथी फिर हरिद्वार पहुंचकर उत्पात मचाने लगा तो दूसरी बार इसको ट्रेंकुलाइज कर काबू करना पड़ा. ट्रेंकुलाइज करने वाली एक बार फिर डॉ. अदिति ही थीं. दूसरी बार इस बिगड़ैल हाथी को जंगल में छोड़ने के बजाए पालतू बना दिया गया. अब उसे राजा नाम दिया गया है. डॉ. अदिति कहती हैं कि अब वो बेहद शांत रहता है. कैंप में ही रहने वाली हथिनी रंगीली से उसकी अच्छी दोस्ती है. दोनों अक्सर साथ रहते हैं. यही नहीं कमांड सीखने वालों में भी राजा परफेक्ट है लेकिन, वो अपने महावत के अलावा और किसी की कमांड नहीं लेता. पार्क में जब राजा सूंड से बॉल के साथ खेलता है तो यकीन नहीं होता कि इसने कभी गुस्से में आकर दो लोगों की जान ले ली थी.

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