उत्तराखंड का डिज़ास्टर रिस्क डाटाबेस तैयार, आपदा में राहत-बचाव कार्य बेहतर होंगे

प्रदेश भर के आपदा के लिहाज से संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर उनकी जियो मैपिंग की गई है.

Robin Singh Chauhan | News18 Uttarakhand
Updated: September 12, 2018, 2:13 PM IST
 उत्तराखंड का डिज़ास्टर रिस्क डाटाबेस तैयार, आपदा में राहत-बचाव कार्य बेहतर होंगे
वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने उत्तराखंड डिजास्टर रिस्क का डाटाबेस लॉंच किया.
Robin Singh Chauhan | News18 Uttarakhand
Updated: September 12, 2018, 2:13 PM IST
उत्तराखंड देश का तीसरा राज्य बन गया है जिसने डिजास्टर रिस्क का डाटाबेस तैयार किया है.  देहरादून में एक कार्यक्रम के दौरान इस डाटाबेस को वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने लॉंच किया. उत्तराखंड की स्टेट डिज़ास्टर कमेटी ने यव डाटाबेस अलग अलग एजेंसी से यह द्वारा तैयार करवाया है जिसमें प्रदेश भर के आपदा के लिहाज से संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर उनकी जियो मैपिंग की गई है.

आज के इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री को करना था लेकिन कैबिनेट मीटिंग की वजह से प्रकाश पंत ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया. उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में आपदा मुख्यतः तीन तरह की आती है. पहला तो यहां नियमित रूप से भूकंप आते हैं. दूसरा अतिवृष्टि की वजह से नुकसान होता है और तीसरा भूस्खलन होते हैं.

पंत ने बताया कि इस डाटाबेस में 2,82,000 क्लस्टर्स को लिया गया है जिससे राज्य की आबादी का पूरा क्षेत्र लगभग इससे जुड़ गया है. अब सरकार के पास यह डाटा आ गया है कि राज्य में कहां-कहां निर्माण हुआ है. इस डाटाबेस से इन निर्माणों को सुरक्षित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है.

इसके अलावा भविष्य में आने वाली आपदा के समय रिस्पॉंस और रेस्क्यू भी बेहतर होने की उम्मीद है. सरकार की योजना ऐसे सभी विभागों को इस डाटाबेस से लिंक करने की है जो सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए ज़िम्मेदार हैं.

डाटाबेस से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान की जा सकेगी और वहां दुर्घटना से बचाव के लिए उपाय करने में मदद मिलेगी. पंत ने बताया कि भारत सरकार के ज़रिए विश्व बैंक की सौ फ़ीसदी फंडिंग वाली योजना के तहत यह काम किया गया है. उन्होंने इस डाटाबेस को राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण तोहफ़ा बताया.
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