Home /News /uttarakhand /

uttarakhand election results did harish rawat prove to be a badluck for congress brvj

Uttarakhand Election Results: क्या हरीश रावत कांग्रेस के लिए 'बैडलक' साबित हुए?

हरीश रावत की हार कांग्रेस कांग्रेस के लिए बड़ा सेटबैक.

हरीश रावत की हार कांग्रेस कांग्रेस के लिए बड़ा सेटबैक.

Uttarakhand Election Results: हरीश रावत की ये हार कांग्रेस के लिए इसलिए भी बड़ी है क्योंकि उत्‍तराखंड की राजनीत‍ि के लिए वही सबसे बड़ा नाम थे. प्रदेश में कांग्रेस ही नहीं बल्कि विपक्ष की राजनीति भी हरीश रावत के ईद-ग‍िर्द घूमत‍ी रही है.सबसे खास बात यह है कि हरीश रावत पंजाब कांग्रेस के भी प्रभारी रह चुके हैं और वहां भी पार्टी की करारी हार हुई है. यहां तक कि पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी अपनी दोनों सीटों पर हार गए.

अधिक पढ़ें ...

    देहरादून. उत्तराखंड में कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार की कमान संभाल रहे पूर्व सीएम हरीश रावत (Harish Rawat) चुनाव हार गए हैं. भारतीय जनता पार्टी के मोहन सिंह बिष्ट ने उन्हें 14 हजार वोटों से हराया. हरीश रावत की ये हार इसलिए भी बड़ी है क्योंकि वे उत्तराखंड विधान सभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे बड़े दावेदार थे. लेकिन, जनता ने हरीश रावत के चेहरे को नकार दिया. सबसे खास बात यह है कि हरीश रावत पंजाब कांग्रेस के भी प्रभारी रह चुके हैं और वहां भी पार्टी की करारी हार हुई है. यहां तक कि पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी अपनी दोनों सीटों पर हार गए.

    हरीश रावत की ये हार कांग्रेस के लिए इसलिए भी बड़ी है क्योंकि उत्‍तराखंड की राजनीत‍ि के लिए वही सबसे बड़ा नाम थे. प्रदेश में कांग्रेस ही नहीं बल्कि विपक्ष की राजनीति भी हरीश रावत के ईद-ग‍िर्द घूमत‍ी रही है. हरीश रावत भले ही केंद्र की राजनीत‍ि में सक्र‍िय हो या राजनीत‍ि के शून्‍य में रहे हों, लेक‍िन उनकी अनदेखी संभव नहीं हो पाई. यही कारण रहा कि उन्हें कांग्रेस ने इस उम्र में भी पार्टी ने उनपर भरोसा जताया और चुनाव प्रचार की कमान सौंपी.

    बता दें कि 2014 में केदारनाथ आपदा के बाद उत्‍तराखंड सरकार में हुए फेरबदल के बाद हरीश रावत को मुख्‍यमंत्री बनाया गया. तब हरीश रावत ने धारचूला व‍िधानसभा सीट से चुनाव जीतकर व‍िधानसभा में इंट्री ली, लेक‍िन हरीश रावत का यह कार्यकाल कांटों भरा रहा. इस शासनकाल में हरीश रावत को पार्टी की बगावत से जूझना पड़ा. इस वजह से उनका एक स्टिंग भी सामने आया. ज‍िसको लेकर उत्‍तराखंड की राजनीत‍ि गरमाती रही. हालांक‍ि, इसके बाद हरीश रावत को अपने कार्यकाल में दो बार मुख्‍यमंत्री पद से इस्‍तीफा देना पड़ा और राज्‍य में दो बार राष्‍ट्रपत‍ि शासन लागू हुआ, लेक‍िन अंतत: 11 मई 2016 को फिर से उन्हें सीएम की कुर्सी मिली और 18 मार्च 2017 तक वह सीएम रहे.

    वर्ष 2017 में हुए व‍िधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बगावत स्टिंग का खाम‍ियाजा भुगतना पड़ा. 70 व‍िधानसभा वाली सीट में कांग्रेस के ह‍िस्‍से मात्र 11 व‍िधायक आए, तो वहीं मुख्‍यमंत्री हरीश रावत ने दोबारा बहुमत पाने के ल‍िए इस चुनाव में दो सीटों से चुनाव लड़ा था,लेक‍िन हरीश रावत को दोनों सीटें यानी हरिद्वार ग्रामीण और किच्छा से हार का सामना करना पड़ा.

    बता दें कि उत्तराखंड में दोपहर 1 बजे तक के आंकड़ों को देखें तो आम आदमी पार्टी को 5.51, एआईएमआईएम को 0.03, को बीजेपी को 43.86, बीएसपी को 4.83, सीपीआई को 0.03, सीपीआईएम को 0.04, सीपीआईएमएल को 0.02, कांग्रेस को 39.26, आरएलडी को 0.01, एसपी को 0.27, नोटा को 0.82 व अन्य को 7.29 प्रतिशत मत मिले हैं. तमाम दावों के बीच असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआई और आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है. 70 सीटों में 44 पर भाजपा, 22 पर कांग्रेस तो दो सीटों पर बहुजन समाज पार्टी और 2 पर अन्य आगे थे.

    Tags: #UK2022~S28A056, #UK2022~S28A070, Dehradun Latest News, Uttarakhand Assembly Election 2022

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर