क्‍या उत्‍तराखंड के लोगों को 24 घंटे मिल पाएगी बिजली!

राज्य में 33 किलोवाट की हाईटेंशन लाइन 5050 किलोमीटर, 11 किलोवाट हाईटेंशन लाइन 4298 किलोमीटर और एलटी लाइन 63254 किमी है, जिन पर करीब 700 ट्रांसफार्मर हैं.

satendra bartwal | News18 Uttarakhand
Updated: July 28, 2019, 12:59 PM IST
क्‍या उत्‍तराखंड के लोगों को 24 घंटे मिल पाएगी बिजली!
राज्य में बिजली विभाग के लगभग 340 सबस्टेशन हैं.
satendra bartwal | News18 Uttarakhand
Updated: July 28, 2019, 12:59 PM IST
राज्य में ऊर्जा विभाग 24 घंटे बिजली देने का दावा करता है, लेकिन जिन कर्मचारियों के कंधों पर ये जिम्मेदारी है उनकी संख्या लगातार घटती जा रही है. हालात ये हैं कि राज्य में करीब 25 लाख बिजली उपभोक्ता हैं और उनको बिजली मुहैया करवाने वाले बिजली कर्मचारी मात्र मात्र ढाई हजार ही हैं. ऐसे में कैसे राज्य को 24 घंटे बिजली मिलेगी.

राज्य के लोगों को हर दिन बिजली से दो चार होना पड़ता है. हालात ऐसे हैं कि हल्की बरसात में भी घंटों बिजली गुल होने से लोगों को बड़ी दिक्‍कत झेलनी पड़ती है. यकीनन इसका बड़ा कारण राज्य में बिजली कर्मचारियों की कमी है.

जब राज्‍य बना तब...
राज्य गठन के दौरान राज्य में करीब ढाई लाख बिजली कंज्यूमर थे और बिजली कर्मचारी करीब आठ हजार थे. साल दर साल बिजली के कंज्यूमर की संख्या बढ़ती रही और बिजली कर्मचारी लगातार घटती रही, लेकिन इन सालों में बिजली महकमे में भर्तियां केवल अधिकारियों में ही हई. जबकि फिल्ड कर्मचारी विभाग में या तो सेल्फ हेल्प संस्था से रखे गए या फिर उपनल से. इन दोनों सस्थाओं से संविधा कर्मी टेक्निकल न होने पर भी विभाग इन से ही मदद लेता है, जिससे कही दिक्कतों का सामना कर्मियों से साथ कंजूमर को उठाना पड़ता हैं.

वहीं ऊर्जा कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष इन्ज़ामामुल हक का कहना है कि सरकार और विभाग जनता से 24 घंटे बिजली देने की बात कर रहे है, लेकिन सबस्टेशनों पर कर्मचारियों की भारी कमी है,जिसका सीधा असर बिजली कंज्यूमर को उठाना पड़ता है.

राज्य गठन के दौरान राज्य में करीब ढाई लाख बिजली कंज्यूमर थे और बिजली कर्मचारी करीब आठ हजार थे.


इन्ज़ामामुल हक मानते हैं कि यदि विभाग परमानेंट नियुक्त नहीं कर सकता तो उपनल से संविधा कर्मियों की भर्ती खोल देने चाहिए.
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ये है बिजली विभाग का खाका
राज्य में बिजली विभाग के लगभग 340 सबस्टेशन हैं और नियमानुसार एक सबस्टेशन पर एक जेई के पास तीन टेक्नीशियन, छह लाइनमेन और छह हेल्पर सहित करीब 16 का स्टाफ हर सबस्टेशन पर होना चाहिए, जिससे सबस्टेशन में आने वाले इलाके में बिजली संबंधित कहीं भी कोई फॉल्ट हो तो तुरंत ही कार्रवाई हो सके. राज्य में कुछ सबस्टेशनों को छोड़ दिया जाय तो हालात ऐसे हैं कि सबस्टेशन में पांच से अधिक कर्मचारी नहीं है,जो हैं भी वो संविदाकर्मी ही हैं. जबकि जेई की स्थिति तो ये है कि एक जेई दो से तीन सबस्टेशन के भी इंचार्ज हैं.

आज राज्य में 33 किलोवाट की हाईटेंशन लाइन 5050 किलोमीटर, 11 किलोवाट हाईटेंशन लाइन 4298 किलोमीटर और एलटी लाइन 63254 किमी है, जिन पर करीब 700 ट्रांसफार्मर हैं. जबकि इनका मेंटिनेंस भी इन्हीं कर्मचारियों से लिया जाता है. हालांकि इन कर्मचारियों के साथ-साथ केवल 2600 संविधा कर्मचारी है, जिनके कंधों पर राज्य में बिजली मुहैया करने का जिम्मा है.

विभाग के प्रबंध निदेशक ने कही ये बात
विभाग के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा का कहना है कि उन्होंने शासन में कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया के लिए पत्राचार किया है और जल्द ही बिजली कर्मियों की भर्ती होगी. यकीनन इससे राज्य को 24 घंटे बिजली मिलेगी.

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First published: July 28, 2019, 12:57 PM IST
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