उत्तराखंड में यहां बसेगी सांपों की दुनिया

देहरादून मिनी ज़ू में जल्द ही उत्तराखंड का पहला स्नेक पार्क खुलने जा रहा है. इस मिनी ज़ू में पहले ही 27 प्रजाति के पशु-पक्षी और 450 प्रजातियों वाला कैक्टस गार्डन लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं.

Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: July 29, 2019, 12:22 PM IST
उत्तराखंड में यहां बसेगी सांपों की दुनिया
सितंबर में आम जनता के लिए खुलेगा स्नेक पार्क
Sunil Navprabhat
Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: July 29, 2019, 12:22 PM IST
यदि आप देहरादून जा रहे हैं तो वहां के मिनी ज़ू में अब कुछ ऐसा है जो आपकी यात्रा के रोमांच को बढ़ा सकता है. इस मिनी ज़ू में पहले ही 27 प्रजाति के पशु-पक्षी और 450 से अधिक कैक्टस और सकुलेंटस की प्रजातियों वाला कैक्टस गार्डन लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं. अब यहां राज्य का पहला स्नेक पार्क भी खुलने जा रहा है. देहरादून जू में उत्तराखंड के पहले सर्पेनटाइन हाऊस को सेंट्रल ज़ू अथॉरिटी की अनुमति मिल चुकी है. सितंबर में इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा.

कैक्टस गार्डन के साथ SNAKE PARK  
मसूरी-देहरादून मार्ग पर पांच हेक्टेयर क्षेत्र में बनाया गया मिनी ज़ू एक बेहतरीन टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में उभरता जा रहा है. उत्तराखंड वन विभाग इस ज़ू का संचालन करता है. यहां 27 प्रजाति के 344 पशु-पक्षियों के साथ ही उत्तराखंड का पहला सबसे बड़ा एक्वावेरियम कैक्टस गार्डन और 3डी थियेटर इसे पर्यटकों के लिए विशेष बना देते हैं. 450 से अधिक कैक्टस और सकुलेंटस प्रजातियों वाला कैक्टस गार्डन इसका आकर्षण है. ये कैक्टस गार्डन भी उत्तराखंड का पहला है.

उत्तराखंड में बसेगी सांपों की दुनिया
उत्तराखंड में बसेगी सांपों की दुनिया


आकर्षण का केंद्र होगा सर्पेंटाइन हाऊस
जू में पिछले लंबे समय से सर्पेंटाइन हाऊस बनकर तैयार है. इंतजार किया जा रहा था सेंट्रल जू अथॉरिटी की परमिशन का. जुलाई में सेंट्रल जू अथॉरिटी ने इसे हरी झंडी दे दी है. जू के निदेशक पीके पात्रो  कहते हैं कि सर्पेंटाइन हाऊस को सितंबर में आम पर्यटकों के लिए खोल  दिया जाएगा. इसी महीने कर्नाटक के मैंगलोर और चेन्नई से पांच-पांच प्रजातियों के सांप जू में लाए जाएंगे. इसके अलावा  रसैल वाइपर, पायथन, कोबरा समेत विभिन्न प्रजातियों के सांप लाए जा चुके हैं.

जू से रिकॉर्ड राजस्व भी अर्जित करता है वन विभाग
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ईको फ्रेंडली सिस्टम के तहत बनाया गया  ज़ू देहरादून-मसूरी आने वाले पर्यटकों की पहल पसंद है. इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पिछले वित्तीय वर्ष में इस ज़ू में रिकॉर्ड सात लाख पर्यटक पहुंचे. जिससे ज़ू प्रशासन को सवा दो करोड़ रूपए की कमाई हुई. ये देहरादून या उसके आसपास किसी भी पर्यटक स्थल से मिलने वाला सर्वाधिक राजस्व है.

यहां लाए जा रहे हैं देशभर से सांप
यहां लाए जा रहे हैं देशभर से सांप


मिनी ज़ू को मिले हैं दो ISO प्रमाण पत्र 
क्वालिटी मैनेजमेंट और एन्वायरमेंटल मैनेजमेंट के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठन ISO से इस जू को दो-दो प्रमाण पत्र मिले हैं. 1976 में  मालसी डियर पार्क के नाम से स्थापित इस पार्क को 2015 में मिनी जू का दर्जा हासिल हुआ. जू में बेहद कम संसाधन के बावजूद बिजली, पानी से लेकर प्लास्टिक कचरे का बेहतर प्रबंधन इसे सबसे अलग बना देता है.

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First published: July 29, 2019, 12:13 PM IST
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