सिंगल यूज़ प्लास्टिक बैन के लिए उत्तराखंड ने कसी कमर लेकिन पहले केंद्र से परिभाषा स्पष्ट करने को कहा

Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: September 12, 2019, 11:50 AM IST
सिंगल यूज़ प्लास्टिक बैन के लिए उत्तराखंड ने कसी कमर लेकिन पहले केंद्र से परिभाषा स्पष्ट करने को कहा
उत्तराखंड सरकार प्रदेश में पॉलीथीन को बैन कर चुकी है लेकिन देहरादून समेत पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील सभी जगहों में प्लास्टिक का धड़ल्ले से प्रयोग होता है. (फ़ाइल फ़ोटो)

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उद्योगपतियों से मीटिंग करने वाला है जिसमें आग्रह किया जाएगा कि औद्योगिक परिसर में सिंगल यूज़ प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  (PM Narendra Modi) के सिंगल यूज़ प्लास्टिक (Single Use Plastic) के खिलाफ अभियान (Movement) को सफल बनाने के लिए अफसर ज़ोर-शोर से तैयारियों में जुटे हुए हैं लेकिन सिंगल यूज़ प्लास्टिक में कौन-कौन सी चीजें होंगी इसको लेकर स्थिति साफ नहीं है. अब उत्तराखंड (Uttarakhand) ने केंद्र (Center) से इसके लिए गाइडलाइन (Guideline) मांगी है. एनजीटी (NGT) के सख्त रुख के कारण उत्तराखंड में गोमुख (Gomukh) से लेकर हरिद्वार (Haridwar) तक प्लास्टिक का प्रयोग प्रतिबंधित है. इसके अलावा राज्य सरकार (State Government) ने भी प्रदेश में पॉलीथीन को बैन (Polythene Ban) किया है. बावजूद इसके देहरादून (Dehradun) समेत पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील (Environmentally Sensitive) सभी जगहों में प्लास्टिक का धड़ल्ले से प्रयोग होता है. अब चूंकि स्वयं प्रधानमंत्री प्लास्टिक के ख़िलाफ़ अभियान की अगुवाई कर रहे हैं तो अफसरों पर भी परफार्मेंस (Performance) का दबाव है.

इंडस्ट्री से इस्तेमाल कम करने का आग्रह 

उत्तराखंड का प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड राज्य में प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने की दिशा में काम करना शुरु कर चुका है. बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि बताते हैं कि अगले हफ़्ते राज्य के उद्योगपतियों की एक बैठक बुलाई गई है. इसमें सभी उद्योगपतियों से आग्रह किया जाएगा कि वह अपने परिसर में सिंगल यूज़ प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें. इसके साथ ही उत्पादन में भी सिंगल यूज़ प्लास्टिक को कम करने का आग्रह किया जाएगा.

इसके अलावा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आईएमए के साथ भी बैठक कर यह आग्रह करेगा कि हेल्थ केयर फ़ेसिलिटीज़ में सिंगल यूज़ प्लास्टिक को कम करने पर काम किया जाए.

केंद्र से मांगी गाइडलाइन 

लेकिन एक बड़ी समस्या यह है कि अभी तक यह साफ़ ही नहीं है कि क्या-क्या चीज़ें सिंगल यूज़ प्लास्टिक में आती हैं. सुबुद्धि बताते हैं बुधवार को केंद्र सरकार के कैबिनेट सेकेट्री के साथ मीटिंग में यह साफ़ हुआ कि अलग-अलग राज्यों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक की परिभाषा अलग-अलग है.

इसके बाद उत्तराखंड ने केंद्र से सिंगल यूज़ प्लास्टिक के संदर्भ में एक गाइडलाइन जारी करने की मांग की है ताकि यह कन्फ़्यूज़न ख़त्म हो सके.
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ये हैं उत्तराखंड में सिंगल यूज़ प्लास्टिक प्रो़डक्ट 

वैसे उत्तराखंड में 2017 में सिंगल यूज़ प्लास्टिक को डिफ़ाइन किया गया है. सुबुद्धि बताते हैं कि इसमें कई उत्पाद हैं. इनमें सभी प्रकार की पालिथीन शामिल है. इसके अलावा प्लास्टिक के कप, गिलास और दूसरी कटलरी (चम्म्च, कांटे, प्लेट आदि), थर्माकोल के उत्पाद और स्ट्रॉ शामिल हैं.

हालांकि उत्तराखंड ने तत्परता दर्शाने के लिए केंद्र से गाइडलाइन तो मांग ली है लेकिन असली चुनौती प्लास्टिक बैन को लागू करने की है. अस्थाई राजधानी देहरादून से गंगोत्री-यमुनोत्री तक प्लास्टिक का खुलेआम इस्तेमाल हो रहा है.

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First published: September 12, 2019, 11:50 AM IST
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