उत्‍तराखंड के गांवों के विकास की रुकी रफ्तार, ये वजह बनी रोड़ा

सोमवार से सभी प्रशासकों ने पंचायतों को टेकओवर कर लिया है और ग्राम प्रधानों से दस्तावेज जमा करने लगे हैं.

satendra bartwal | News18 Uttarakhand
Updated: July 17, 2019, 9:02 PM IST
उत्‍तराखंड के गांवों के विकास की रुकी रफ्तार, ये वजह बनी रोड़ा
इसी साल जून में राज्य के पंचायतों को करीब 255 करोड़ रूपये का बजट आवंटित हुआ था.
satendra bartwal | News18 Uttarakhand
Updated: July 17, 2019, 9:02 PM IST
उत्‍तराखंड में निकाय चुनाव 6 महीने देरी होने के चलते निकायों में विकास बमुश्किल शुरू ही हुआ था कि अब ग्राम पंचायतों का विकास रुक सा गया है. इसकी सबसे बड़ी वजह है समय पर चुनाव ना होना. राज्य में 14 जुलाई से पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो गया है, लेकिन राज्य सरकार ने पंचायत चुनाव की अभी तक कोई तिथि तय नहीं की है.

सरकार ने उठाया ये कदम
राज्य सकरार ने सोमवार से पंचायतों में प्रशासक नियुक्त कर दिए हैं. नियमों के अनुसार इस 14 जुलाई तक चुनाव हो जाने चाहिए थे और पंचायतों को उनकी सरकार मिल जाने चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. बताया जा रहा है कि अभी पंचायतीराज में ऐक्ट संशोधन नहीं होने के चलते चुनाव अटक गए हैं, जिस कारण अब पंचायतों में छह महीने के लिए प्रशासकों की नियुक्ति कर दी है. यही हाल राज्य में निकाय चुनाव का भी रहा जहां चुनाव समय पर न होने के चलते निकायों में 6 महीने के लिए प्रशासकों नियुक्त किया गया था.

जमा हुए प्रधानों के दस्‍तावेज

सोमवार से सभी प्रशासकों ने पंचायतों को टेकओवर कर लिया है और साथ में सभी ग्राम प्रधानों से दस्तावेज जमा करने लगे हैं. वहीं, अगस्त माह में राज्य के सभी क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत का भी कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है, लेकिन चुनाव कब होंगे अभी तय नहीं. पंचायत चुनाव में हो रही लेट-लतीफी के चलते गांव का विकास अब थम सा गया है और इसका असर अब सीधे ग्राम पंचायतों को केंद्र सरकार से मिलने वाले बजट पर देखने को मिल सकता है. केंद्र सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को दिया जाने वाला बजट जिससे गांव में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट जैसे कई कामों पर खर्च होता है वो अब थम सा गया है.

प्रशासकों ने पंचायतों को टेकओवर कर लिया है


आपको बता दें कि राज्य में ग्राम पंचायतों को पिछली किस्‍त जून माह में दी गयी थी और अगली किस्त अक्तूबर में दी जानी थी, लेकिन अभी चुनाव ही नहीं हुए तो पैसा भी रुक जाएगा. जबकि इसी साल जून में राज्य के पंचायतों को करीब 255 करोड़ रूपये का बजट आवंटित हुआ था.
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अगस्‍त के आखिर में होंगे चुनाव!
राज्य में पंचायत चुनाव हरिद्वार जिले को छोड़कर 12 जिलों में होने हैं, जिसके लिए प्रशासन ने मतदाताओं को लिस्ट तैयार कर दी है. हालांकि माना जा रहा है कि अगस्त के आखिर में राज्य सरकार चुनाव की घोषणा कर सकती है. वैसे अब सिर्फ आरक्षण पद ही तय होने हैं.

ग्राम प्रधान ने बताया देर से चुनाव होने का नुकसान
ग्राम मार्थमय की निवर्तमान प्रधान टीना सिंह का कहना है कि चुनाव समय पर न होने के चलते सबसे ज्यादा दिक्क्तें छात्रों के लिए होगी,जिनका प्रमाण पत्र ग्राम प्रधान से स्वीकृत होता था अब उनको प्रशासकों के दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ेंगे. साथ ही बरसात का सीजन है, लिहाजा गांव में रास्ते और स्ट्रीट लाइट की बड़ी समस्या उत्पन हो रही है, लेकिन ग्राम प्रधान न होने के चलते और बजट समय से न मिलने के चलते अब ये कार्य भी थम गए हैं.

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First published: July 17, 2019, 8:57 PM IST
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