उत्तराखंड में आस्ट्रेलियन टीक और काली मिर्च की खेती से किसानों की आय बढ़ाने की योजना

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड में किसानों के मुनाफे के लिए ऑस्टेरलियन टीक और कालीमिर्च की खेती को बढ़ावा देने की योजना तैयार की है. (फाइल फोटो)

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड में किसानों के मुनाफे के लिए ऑस्टेरलियन टीक और कालीमिर्च की खेती को बढ़ावा देने की योजना तैयार की है. (फाइल फोटो)

राज्य सरकार ने प्रदेश में उन्नत प्रजाति के आस्ट्रेलियन टीक और काली मिर्च की खेती को विस्तार देने का मन बनाया है. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिहाज से ये दोनों फसलें महत्त्वपूर्ण हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 5, 2021, 11:57 PM IST
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देहरादून. उत्तराखंड सरकार अब किसानों को तकनीकी खेती से लाभांवित कर उनकी आय बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है. इसी को लेकर राज्य सरकार ने प्रदेश में उन्नत प्रजाति के आस्ट्रेलियन टीक और काली मिर्च की खेती को विस्तार देने का मन बनाया है. इसके चलते शक्रवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिहाज से ये दोनों फसलें महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं. इसीलिए इसकी खेती को राज्य में विस्तार दिया जाएगा.

दरअसल, एक एकड़ में ऑस्ट्रेलियन टीक के लगभग 700 पौधे लगते हैं. जो पूरी तरह से इमारती लकड़ियों के प्रयोग में आते हैं. इन पौधों के साथ ही काली मिर्च का भी पौधा लगाया जाता है. टीक के पेड़ पर काली मिर्च की बेल चढ़ाई जाती है, जिससे उपज अच्छी खासी होती है. इसी को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आस्ट्रेलियन टीक व काली मिर्च की खेती को बढ़ावा देने के लिए और क्या-क्या प्रयास हो सकते हैं, इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इन फसलों का बहुआयामी उपयोग किस तरह किया जा सकता है, इसकी भी समुचित जानकारी उपलब्ध कराई जानी आवश्यक है. सचिवालय में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के समक्ष टीक और काली मिर्च के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आर्थिकी के लिहाज से ये दोनों फसलें महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं.

इस मौके पर छत्तीसगढ़ के विशेषज्ञ कृषक डॉ. राजाराम त्रिपाठी और ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज संस्थान रुद्रपुर के अधिशासी निदेशक हरीश चंद्र कांडपाल ने इन फसलों के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया. विशेषज्ञ कृषक डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि आस्ट्रेलियन टीक व काली मिर्च की खेती उत्तराखंड में गेम चेंजर साबित हो सकती है. इस खेती में मेहनत कम है और आमदनी अधिक है. उत्तराखंड में इन दोनों फसलों की पर्याप्त संभावनाएं हैं. रुद्रपुर में ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज संस्थान द्वारा इनकी खेती की शुरुआत के बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं.

उन्होंने बताया कि काली मिर्च के पौधे की पत्तियां आयताकार होती हैं. इसकी पत्तियों की लम्बाई 12 से 18 सेंटीमीटर की होती है और 5 से 10 सेंटीमीटर की चौड़ाई होती है. इसकी जड़ उथली हुई होती हैं. इसके पौधे की जड़ दो मीटर की गहराई में होती है. इस पर सफेद रंग के फूल निकलते हैं.
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