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पंचेश्वर बांध के लिए बढ़ी सरकार की चाहत, 6 गुना ज्यादा मुआवजा देने की है तैयारी

पंचेश्वर बांध के लिए बढ़ी सरकार की चाहत, 6 गुना ज्यादा मुआवजा देने की है तैयारी

पर्यावरणविद इस बांध को बड़े संकट के तौर पर देख रहे हैं. इसके पीछे पर्यावरणविदों का तर्क है कि बड़े बांध रोज भूगर्भीय हलचल से जूझ रहे हिमालयी क्षेत्रों में नुकसानदायक हो सकते हैं.

पर्यावरणविद इस बांध को बड़े संकट के तौर पर देख रहे हैं. इसके पीछे पर्यावरणविदों का तर्क है कि बड़े बांध रोज भूगर्भीय हलचल से जूझ रहे हिमालयी क्षेत्रों में नुकसानदायक हो सकते हैं.

पर्यावरणविद इस बांध को बड़े संकट के तौर पर देख रहे हैं. इसके पीछे पर्यावरणविदों का तर्क है कि बड़े बांध रोज भूगर्भीय हलचल से जूझ रहे हिमालयी क्षेत्रों में नुकसानदायक हो सकते हैं.

    ऊर्जा प्रदेश के नाम से मशहूर उत्तराखंड में इन दिनों पंचेश्वर बांध परियोजना चर्चाओं में है. पिछले लम्बे समय से इस परियोजना को लेकर दो पक्ष भिड़े हुए हैं. सरकार जहां इस प्रोजेक्ट को किसी भी हाल में शुरू कर देना चाहती है, वहीं विपक्ष और पर्यावरणविद इस बांध को बड़े संकट के तौर पर देख रहे हैं. इसके पीछे पर्यावरणविदों का तर्क है कि बड़े बांध रोज भूगर्भीय हलचल से जूझ रहे हिमालयी क्षेत्रों में नुकसानदायक हो सकते हैं.

    भारत-नेपाल की सीमा पर बन रहा ये बाँध भारत और नेपाल सरकार का साझा प्रोजेक्ट है. इस प्रोजेक्ट को लेकर प्रभावित गांवों में दोनों पक्षों के लोगों ने बैठकें भी की. सरकार की ओर से कई मंत्री और सांसद इलाके का दौरा कर प्रभावितों को लगातार बेहतर सुविधाएं और उचित विस्थापन की बात पर मनाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं.

    इसी कड़ी में अब उत्तराखंड सरकार ने प्रभावितों को मुआवजा देने के लिए शासन स्तर पर मंथन शुरू कर दिया है. खास बात यह है कि बांध में प्रभावितों को सर्किल रेट से छ: गुना ज्यादा मुआवजा देने को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. पंचेश्वर बांध के बनने से उत्तराखण्ड के पिथौरागढ, अल्मोडा और चम्पावत जिले प्रभावित हो रहे हैं.

    इन जिलो में जन सुनवाई भी की जा चुकी है और अब प्रभावितों को मुआवजा देने को लेकर शासन प्रस्ताव तैयार कर रहा है. इस प्रस्ताव को राज्य सरकार जल्द केंद्र को भी भेजने वाली है, ताकि प्रभावितों का मुआवजा तय किया जा सके. उत्तराखण्ड में इस तरह के प्रोजेक्ट्स के लिए सर्किल रेट से डेढ गुना मुआवजा देने का प्रावधान है, जबकि केन्द्र चार गुना मुआवजा देता है. अब इसी को मिलाकर उत्तराखंड सरकार छः गुना ज्यादा मुआवजा देने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है.

    Tags: Pithoragarh news, Uttarakhand news

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