उत्तराखंड से पढ़कर बाहर प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों से 1 करोड़ तक जुर्माना वसूलेगी प्रदेश सरकार

उत्तराखंड सरकार अब उन डॉक्टरों पर शिकंजा कसने जा रही है, जिन्होंने रियायती दरों पर राज्य के मेडिकल कॉलेजों से डॉक्टरी की पढ़ाई की और डिग्री लेकर राज्य से बाहर चले गए.

News18 Uttarakhand
Updated: September 11, 2018, 12:32 PM IST
उत्तराखंड से पढ़कर बाहर प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों से 1 करोड़ तक जुर्माना वसूलेगी प्रदेश सरकार
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशालय, देहरादून
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Updated: September 11, 2018, 12:32 PM IST
उत्तराखंड सरकार अब उन डॉक्टरों पर शिकंजा कसने जा रही है, जिन्होंने रियायती दरों पर राज्य के मेडिकल कॉलेजों से डॉक्टरी की पढ़ाई की और डिग्री लेकर राज्य से बाहर निकल गए. राज्य के स्वास्थ्य विभाग के कई बार चेतावनी दिए जाने के बाद भी इन तमाम डॉक्टरों ने राज्य में वापसी नहीं की है.

राज्य सरकार से करार के अनुसार इन डॉक्टरों को उत्तराखंड में कम से कम 5 साल सेवा देना अनिवार्य था. लेकिन, इन डॉक्टरों ने 5 साल राज्य में सेवा देने की शर्त का पालन नहीं किया. यही वजह है कि अब स्वास्थ्य महकमा इन डॉक्टरों से एक करोड़ रुपए तक पेनल्टी के तौर पर वसूलने की तैयारी में है. इसके साथ ही सरकार भगोड़े डॉक्टरों के मेडिकल रिकॉर्ड, सर्टिफिकेट को भी निरस्त करने जा रही है. विभाग की इस कार्रवाई के बाद ये डॉक्टर राज्य में प्रैक्टिस भी नहीं कर पाएंगे.

उत्तराखंड में दिन ब दिन दम तोड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकार की होती किरकिरी के बीच राज्य सरकार ने भगोड़े डॉक्टरों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरु कर दिया है. कई बार निर्देश देने के बाद भी जो डॉक्टर अब तक अपनी तैनाती पर नहीं पहुचे हैं, उन भगोड़े डॉक्टरों के खिलाफ विभाग सीधे तौर पर सख्त एक्शन लेने जा रहा है. इसके लिए विभाग ने होमवर्क भी पूरा कर लिया है.

ये हो सकती है कार्रवाई

बांड का उल्लंघन करने वाले 2017 से पहले के डॉक्टरों से 30 लाख रुपए और 2017 के बाद वालों से सरकार एक करोड़ रुपए वसूलेगी इसके साथ ही मेडिकल रिकॉर्ड सर्टिफिकेट को भी निरस्त कर दिया जाएगा. विभाग बार-बार पत्राचार करके इन सभी डॉक्टरों को ड्यूटी पर आने के लिए कह चुका है.

राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने की कवायद के तहत यह जरूरी हो गया है कि इन डॉक्टरों पर कार्रवाई की जाए. स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. टी सी पंत के मुताबिक, जल्द ही ऐसे डॉक्टरों को नोटिस थमाया जाएगा.

गौरतलब है कि राज्य में सरकारी मेडिकल कॉलेजों से अभी तक 1038 एमबीबीएस डॉक्टर पास आउट हो चुके हैं, जिसमें 688 ऐसे डॉक्टर हैं जिनका कुछ पता ही नहीं हैं. 100 डॉक्टर ऐसे हैं जो पीजी की पढ़ाई करने के लिए एनओसी पर हैं. इन सभी चिकित्सकों में से महज 250 ही डॉक्टर अस्पतालों में तैनात हैं. ऐसे में मेडिकल कॉलेजों में छात्रों को कम फीस पर पढ़ाने का राज्य को पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है.
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