उत्तराखंडः '3 किसान विरोधी अध्यादेशों' के विरोध में हरीश रावत का मौन व्रत और उपवास

उपवास में खेती के हल को कंधे पर रखकर प्रतीकात्मक रुप से किसानों के प्रति प्रतिबद्धता प्रकट की गई.
उपवास में खेती के हल को कंधे पर रखकर प्रतीकात्मक रुप से किसानों के प्रति प्रतिबद्धता प्रकट की गई.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश का किसान आशंकित है कि उनकी ज़मीन और किसानों के अधिकार सब खतरे में हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 18, 2020, 3:24 PM IST
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देहरादून. पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शुक्रवार को गांधी पार्क में केन्द्र सरकार के तीन किसान विरोधी अध्यादेशों के विरोध में दो घंटे तक मौन व्रत रखा. उपवास-मौन व्रत समाप्ति पर उन्होंने कहा कि देश भर के किसान तीनों काले कानूनों के विरुद्ध आन्दोलन कर रहे हैं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में भी किसान उपरोक्त काले कानूनों के विरुद्ध अपनी आवाज़ बुलंद कर चुके हैं. उपवास में खेती के हल को कंधे पर रखकर प्रतीकात्मक रुप से किसानों के प्रति प्रतिबद्धता प्रकट की गई.

किसानों को बर्बाद करने का षड़यंत्र

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि तीनों कानूनों को संसद में पास कराये जाने के कुप्रयास के विरुद्ध यह उपवास-मौन व्रत है. उन्होंने कहा कि लोकसभा में एक-आध विधेयक पास भी हो चुका है जिससे पूरे देश का किसान आशंकित है कि उनकी ज़मीन और किसानों के अधिकार सब खतरे में हैं. न्यूनतम समर्थन मूल्य, जो किसान को उसकी फसल पर एक न्यूनतम मूल्य की गारंटी होता है, उसे समाप्त कर कॉर्पोरेट जगत की कम्पनियों के हितों के लिए खेती और किसानों को बर्बाद करने का षंड़यत्र किया जा रहा है.



हालांकि हरीश रावत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कोरोना महामारी से बचाव की खातिर मौन उपवास पर शामिल न होने का आग्रह किया था फिर भी काफी कांग्रेस कार्यकर्ता व नेता उपवास पर पहुंचे. इस अवसर पर पूर्व मंत्री मातवर सिंह केडारी, प्रभुलाल बहुगुणा, जोत सिंह बिष्ट, पूरन सिंह रावत, सुशील राठी, नंदन सिंह बिष्ट, मनीष नागपाल, गुलजार अहमद, प्रमोद गुप्ता, मोहन काला, आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा, कमलेश रमन, गरिमा दसौनी, शान्ति रावत, परिणाता डोभाल, अनुराधा तिवारी, साधना तिवारी, सरदार अमरजीत सिंह, विशाल मौर्या, रितेश क्षेत्री, हेमा पुरोहित, विकास नेगी, श्याम सिंह नेगी, विनोद चौहान, मोहम्मद मुस्तफा, सौरभ मंमगाई शामिल हुए.
करोड़ों बेरोज़गार 

9.45 पर शुरु हुए मौन व्रत व उपवास को 11.45 पर गुरु गोविन्द सिंह गुरुद्वारा के ग्रन्थी सरदार बूटा सिंह ने जूस पिलाकर खुलवाया. हरीश रावत ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण करोड़ों लोग बेरोज़गार हो गए हैं. तमाम सरकारी व निजी छोटे बड़े उघोगों से लोगों को रोज़गार से वंचित किया जा रहा है.

सरकारें परीक्षाएं नहीं करा रही हैं, परिक्षाओं के नतीजे घोषित नहीं किए जा रहे और जो नतीजे पूर्व में घोषित हो चुके है उनमें नियुक्तियां नहीं दी जा रहीं. देश व राज्य में लाखों-करोड़ों पद रिक्त पड़े है. देश में बेराज़गारी दर विभिन्न क्षेत्रों में 14 से 27 प्रतिशत के आस-पास है परन्तु केन्द्र सरकार चुप्पी मारे बैठी है.

पूर्व मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में अपने कार्यकाल में रोज़गार के अवसर उत्पन्न करने वाली विभिन्न योजनाओं का खाका भी खींचा और कहा कि उनके कार्यकाल में विभिन्न विभागों में हज़ारों नियुक्तियां की गई थीं. अधीनस्थ कर्मचारी चयन आयोग सहित कई कार्यक्रमों के माध्यम से नियुक्तियां की गई थीं मगर आज बेरोज़गार युवाओं के सामने भयावाह स्थिति खड़ी है.
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