उत्तराखंड : सरकार की नई गाइडलाइन का बस रख लें ध्यान, तो होली नहीं होगी बदरंग

गृह विभाग द्वारा जारी संशोधित आदेश के अनुसार, 28 और 29 मार्च को शाम चार बजे से रात्रि 10 बजे तक सार्वजनिक स्थानों पर आयोजनों की अनुमति होगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

गृह विभाग द्वारा जारी संशोधित आदेश के अनुसार, 28 और 29 मार्च को शाम चार बजे से रात्रि 10 बजे तक सार्वजनिक स्थानों पर आयोजनों की अनुमति होगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

सरकार ने कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए तमाम एहतियात बताए हैं, साथ ही होली महोत्सव और अन्य त्योहारों के लिए कहा है कि इन्हें मनाने के लिए कई शर्तों का पालन करना होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 26, 2021, 9:23 PM IST
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देहरादून. देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने एहतियातन होली को लेकर गाइडलाइन जारी की है. सरकार की ओर से मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कोविड-19 संक्रमण से बचाव और अन्य त्योहारों के आयोजन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया है. सरकार ने कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए तमाम एहतियात बताए हैं, साथ ही होली महोत्सव और अन्य त्योहारों के लिए कहा है कि इन्हें मनाने के लिए कई शर्तों का पालन करना होगा.

इस बीच उत्तराखंड में भी कोरोना संकट बढ़ा है और  महाकुंभ पर मंडरा रहे कोरोना संक्रमण के खतरे के मद्देनजर उत्तराखंड सरकार ने केंद्र की एसओपी और हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद उत्तराखंड शासन ने यू टर्न ले लिया है. कल तक महाकुंभ में आने के लिए सारी बंदिशें खत्म करने के सरकार के मुखिया के ऐलान पर हां में हां मिला रहे अधिकारी अब एसओपी का कड़ाई से पालन कराने की बात कह रहे हैं. इसी के तहत अब न सिर्फ अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं, बल्कि स्नान पर्व पर आने वाले स्थानीय लोगों के लिए भी कोविड की नेगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को कुंभ की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन भी कराना होगा. मुख्य सचिव ओमप्रकाश का कहना है कि केंद्र की गाइड लाइन का शत प्रतिशत पालन कराया जाएगा.

सरकार की नई गाइडलाइन
होलिका दहन के वक्त कार्यक्रम स्थल की कुल क्षमता के 50 प्रतिशत व्यक्तियों को वहां रहने की अनुमति है. होलिका दहन स्थल पर अनावश्यक भीड़ नहीं जुटाने का निर्देश जारी किया गया है.
कार्यक्रम में शामिल लोग मास्क और सामाजिक दूरी का पालन करेंगे. होलिका दहन कार्यक्रम में 60 साल से ऊपर की महिला/पुरुष, दस साल से कम उम्र के बच्चे, गम्भीर बीमारी से ग्रसित व्यक्ति शामिल होने से बचें.
समारोह के आयोजकों द्वारा प्रवेश द्वार पर थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजर की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएगी. साथ ही बुखार, जुकाम आदि से पीड़ित व्यक्तियों को एंट्री नहीं दी जाएगी.
होली मिलन स्थलों पर शालीनता के साथ होली मनाई जाएगी. किसी प्रकार का हुडदंग नहीं किया जाएगा. सार्वजनकि स्थल पर मदिरा पान, तेज म्यूजिक, लाउडस्पीकर आदि का प्रयोग नहीं किया जाएगा.
केन्टेनमेन्ट जोन में होली खेलना बैन रहेगा. लोग अपने घरों के अन्दर ही होली मना सकते हैं. संकरी सड़कों और संकरी गलियों में होली खेलने से बचें.
होली में पानी, गीले रंगों का प्रयोग करने से बचें. साथ ही सूखे रंग आरगेनिक (फूलो से बने रग) का प्रयोग करते हुए अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें. गले मिलने आदि से बचने की कोशिश करें.
होली मिलन समारोह में खाद्य सामग्री आदि के वितरण से परहेज किया जाएगा. आवश्यक हो तो खाद्य पदार्थ और पेयजल वितरण हेतु डिस्पोजेबल गिलास, बर्तनों का प्रयोग किया जाए.
समारोह स्थल पर आयोजकों द्वारा डस्टबिन आदि की समुचित व्यवस्था की जाएगी. कूडे आदि को इधर-उधर न बिखराकर डस्टबिन का प्रयोग किया जाए.
समय-समय पर भारत सरकार, राज्य सरकार, एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन समारोह स्थल पर करना अनिवार्य होगा.
माह की विभिन्न तिथियों में मनाए जाने वाले अन्य त्योहारों में भी कोविड संक्रमण से बचाव हेतु सोशल डिस्टेंसिंग, सैनेटाइजेशन और मास्क का प्रयोग किया जाएगा.
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