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उत्तराखंड बजट सत्रः सदन में चमोली आपदा की चर्चा तो पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम पर जबर्दस्त हंगामा

इसके बाद शून्यकाल और शून्यकाल के बाद नियम-58 के तहत महंगाई को लेकर चर्चा शुरू हुई.

इसके बाद शून्यकाल और शून्यकाल के बाद नियम-58 के तहत महंगाई को लेकर चर्चा शुरू हुई.

Uttarakhand Budget Session: पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम को लेकर विधानसभा में सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों में तकरार. भोजनावकाश से पहले कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से किया वॉकआउट.

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देहरादून. उत्तराखंड विधानसभा (Uttarakhand Legislative Assembly) में अभी बजट सत्र (Budget session) चल रहा है. बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को चमोली आपदा के मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई. सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी तो कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने आंदेालनकारियों पर लाठीचार्ज तो नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश (Dr. Indira Hridayesh) ने महंगाई पर चर्चा की मांग की. इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों प्रस्तावों को नियम-58 में चर्चा के लिए स्वीकार कर लिया. प्रश्नकाल में पर्यावरण, सिंचाई और पर्यटन से जुड़े मुददे उठे. विधायक प्रीतम सिंह ने उत्तरकाशी में निर्माणाधीन वृद्वाश्राम,  गणेश जोशी ने विधवा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाओं की पुत्री के विवाह के लिए दी जाने वाली धनराशि को दुगना करने और खजानदास ने चंद्र नगर नाले में जल निकासी का मामला उठाया.

इसी तरह विधायक देशराज कर्णवाल, विनोद चमोली, संजय गुप्ता भरत चौधरी, संजीव आर्य ने भी सवाल किए. तो विधायक काजी निजामुद्दीन ने केदारनाथ, चमोली आपदा का जिक्र करते हुए उत्तराखंड के लिए अलग पर्यावरण नीति बनाने की मांग की. इस पर सरकार की ओर से पर्यावरण मंत्री हरक सिंह ने कहा कि सरकार सभी 13 जिलों से डेटा कलेक्ट करने के बाद अप्रैल तक एक नई पर्यावरण नीति लाएगी.

वॉकआउट कर दिया
इसके बाद शून्यकाल और शून्यकाल के बाद नियम-58 के तहत महंगाई को लेकर चर्चा शुरू हुई. कांग्रेस की ओर से नेता प्रतिपक्ष समेत प्रीतम सिंह और गोविंद सिंह कुंजवाल ने बात रखी. नेता प्रतिपक्ष ने पाकिस्तान समेत तमाम देशों का जिक्र करते हुए कहा कि कच्चे तेल के दाम कम होने के बावजूद सरकार पेट्रोल डीजल की कीमतों पर लगाम नहीं लगा पा रही है. जवाब में संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कांग्रेस की पाकिस्तान के बिना कोई बात ही नहीं होती. इस पर हंगामा इतना बढ़ा कि भोजनावकाश से कुछ पहले कांग्रेस ने सदन का वॉक आउट कर दिया. फर्स्ट हॉफ में पांच आयोगों और निगमों की वार्षिक प्रतिवेदन रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी गई, तो  राजभवन की मंजूरी के साथ आए 12 विधेयकों की कानून बनने की जानकारी सदन को दी गई. दो विधेयक टेबिल भी किए गए. वहीं, सेकिंड हाफ में सोमवार को प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज की घटना को लेकर विपक्ष ने सदन से वॉक आउट कर दिया.
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