Corona Crisis: उत्तराखंड कैबिनेट ने लिया था वेतन कटौती का निर्णय, लेकिन यहां फंसा है पेंच
Dehradun News in Hindi

Corona Crisis: उत्तराखंड कैबिनेट ने लिया था वेतन कटौती का निर्णय, लेकिन यहां फंसा है पेंच
गैरसैंण आधिकारिक रूप से उत्तराखंड का समर-कैपिटल बन चुका है. (फाइल फोटो)

उत्तराखंड (Uttrakhand) के विधायकों के वेतन में कटौती के लिए उनकी सहमति जरूरी है. इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रदेश के सभी विधायकों को एक पत्र लिखा है.

  • Share this:
देहरादून. उत्तराखंड (Uttrakhand) के विधायकों के वेतन में कटौती के लिए उनकी सहमति जरूरी है. किसी भी तरह की कटौती से पहले उनसे राय मांगी गई है. इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रदेश के सभी विधायकों को एक पत्र लिखा है. दरअसल, प्रदेश की कैबिनेट (State Cabinet) ने कोरोना संकट को देखते हुए विधायकों के वेतन और कुछ भत्तों में तीस प्रतिशत तक की कटौती का निर्णय लिया था. लेकिन अब यह तय हो गया है कि इसके लिए विधायकों की सहमति जरूरी है. दैनिक हिन्दुस्तान की एक खबर के अनुसार, विधायकों की सहमति के बाद एक अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक विधायकों के वेतन में 30 प्रतिशत तक की कटौती कर मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराया जाएगा.

विधायकों को भेजी गई है सूचना
स्पीकर के निर्देश के सभी विधायकों को लेटर, ईमेल और फैक्स के माध्यम से ये जानकारी भेजी गई है. विधायकों से इसके लिए तत्काल सहमति मांगी गई है. विधानसभा के सूत्रों ने बताया कि जैसे ही विधायकों की सहमति मिलेगी, उसके बाद वेतन में चटौती की प्रक्रिया शुरू होगी.




जानिए क्यों बिना सहमति के नहीं कट सकता वेतन
दरअसल, प्रदेश विधानसभा के सदस्य उत्तराखंड राज्य विधानसभा (सदस्यों की उपलब्धियां और पेंशन) अधिनियम 2008 की धारा 24 में उल्लेखित नियमों के अनुसार वेतन, निर्वाचन क्षेत्र भत्ता और सचिवीय भत्ता आदि के हकदार हैं. इस राशि में कटौती तभी हो सकती है जब प्रदेश सरकार इसके लिए अध्यादेश लेकर आए. लेकिन उत्तराखंड सरकार ने इसका निर्णय कैबिनेट में लिया. इसके बाद अब इसके लिए विधायकों की राय और सहमति लेने की जरूरत पड़ रही है.

जानिए क्या कह रहे हैं विधानसभा अध्यक्ष
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल का कहना है कि कटौती के संदर्भ में सभी विधायकों की सहमति मांगी गई है. उन्होंने इस मामले में उम्मीद जताई है कि विधायक अपनी सहमति देंगे. उसके बाद वेतन और भत्तों में कटौती की प्रक्रिया शुरू होगी.

 

ये भी पढ़ें: 

नीतीश सरकार की एक घोषणा से देहरादून के डाकघरों में लग गई लंबी लाइन

उत्तराखंडः बिना मास्क लगाए पहुंचे तो नहीं मिली शराब, पुलिस ने लौटाया
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज