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कैसे होंगे देहरादून नगर निगम के चुनाव? सुप्रीम कोर्ट में केस पर सुनवाई बाकी

कैसे होंगे देहरादून नगर निगम के चुनाव? सुप्रीम कोर्ट में केस पर सुनवाई बाकी

देहरादून नगर निगम (फ़ाइल फ़ोटो)

देहरादून नगर निगम (फ़ाइल फ़ोटो)

वकील रीता त्यागी कहती हैं कि जब तक सुप्रीम कोर्ट इस केस में फैसला नहीं सुना देता तब तक देहरादून में चुनाव करने की बात करना सरकार को भारी पड़ सकता है.

    हाईकोर्ट के आदेशों के बाद भले ही राज्य सरकार ने भी आरक्षण का ऐलान कर निकाय चुनावों के लिए तैयार होने का दावा कर दिया है लेकिन राजधानी देहरादून के नगर निगम में चुनाव समय पर करवाना सरकार के लिए आसान नहीं होगा. दरअसल देहरादून के सीमा विस्तारीकरण का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. उधर निर्वाचन आयोग के आज ही चुनाव कार्यक्रम भी तैयार कर सरकार को भेजने की तैयारी है.

    सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग दोनों स्थानीय निकाय चुनाव के लिए तैयार होने का दावा कर रहे हैं. उधर देहरदून नगर निगम में अब भी चुनाव करवाने को लेकर स्थिति साफ़ नहीं है कि चुनाव कितने वार्डों में होंगे. नगर निगम का सीमा विस्तार करते हुए सरकार ने देहरादून के 72 गांवों को निगम के दायरे में लेने की अधिसूचना जारी कर दी थी.

    सरकार के इस फ़ैसले के विरोध में ग्रामप्रधान संगठन हाईकोर्ट की शरण में गया था और हाईकोर्ट से राहत न मिलने पर संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी. प्रधान संगठन, देहरादून के घनश्याम पाल पूछते हैं जब इस मामले में सुनवाई लंबित है तो सरकार कैसे देहरादून में चुनाव करवा सकती है?

    इस साल राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव करवाना सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है. यह मामला राज्य निर्वाचन आयोग, सरकार और अदालत के बीच फंसा रहा. एक नज़र इस मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?

    • 04 अप्रैल, 2018: जल्द चुनाव कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की.

    • 05 अप्रैल, 2018: सरकार ने हाईकोर्ट से कहा 12 मई तक कर देंगे सारी प्रक्रिया  पूरी. 23 निकायों में सीमा विस्तार की अधिसूचना जारी की.

    • 14 मई, 2018: हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने पांच अप्रैल को जारी 23 नगर निकायों की सीमा विस्तार की अधिसूचना को खारिज किया.

    • 22 मई, 2018: पांच अप्रैल की अधिसूचना को खारिज करने के सिंगल बेंच के फैसले को डबल बेंच ने पलटा. निकाय चुनाव का रास्ता खुला.

    • 23 मई, 2018: चुनाव कराने के लिए सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग के बीच हुई बैठक. 27 तक 84 नगर निकायों में चुनाव कराने के लिए सारी प्रक्रिया पूरी कर देने पर सहमति.

    • 24 मई, 2018: सरकार ने हाईकोर्ट को दी रिपोर्ट में बताया कि 27 मई तक सारी प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी.

    • 25 मई, 2018: हाईकोर्ट ने एक अन्य याचिका पर सुनवाई करते हुए रुड़की को आरक्षण प्रक्रिया से अलग रखने को गलत ठहराया. साथ ही अन्य नगर निगमों के साथ ही रुड़की में आरक्षण तय करने के आदेश जारी किए.

    • 26 मई, 2018: सरकार ने रुड़की नगर निगम पर आए सिंगल बेंच के फैसले को डबल बेंच में चुनौती देने का निर्णय लिया.

    • 28 मई, 2018: हाईकोर्ट ने श्रीनगर और बाजपुर नगर पालिका परिषद का आरक्षण अन्य के साथ न कराने को गलत ठहराया. साथ ही सभी 41 नगर पालिकाओं का आरक्षण एक साथ तय करने के आदेश जारी किए.

    • 27 अगस्त को मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट जिसमें अभी तक सुनवाई नहीं हो पाई है.

    • 09 अक्टूबर, 2018:  हाईकोर्ट ने प्रदेश के नगर निगमों सहित समस्त निकायों के लिए एक सप्ताह के भीतर चुनाव प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए.

    • 13 अक्टूबर, 2018: सरकार ने 92 में से 84 स्थानीय निकाय में आरक्षण की अधिसूचना जारी कर दी.


    देहरादून निगम निगम के आयुक्त चुनाव करवाने के लिए तैयार होने का दावा करते हैं. नगरायुक्त विजय कुमार जोगदंडे कहते हैं कि 0211 की जनगणना के हिसाब के 72 गांवों को जोड़ने के बाद देहरादून निगम की आबादी आठ लाख से ज़्यादा है. इस आधार पर देहरादून को 100 वार्डों में बांटकर चुनाव करवाए जाएंगे, जिसके लिए तैयारी पूरी है.

    लेकिन कानून के जानकारों को कहना है कि यह जल्दबाज़ी सरकार को भारी पड़ सकती है. देहरादून की वकील रीता त्यागी कहती हैं कि जब तक सुप्रीम कोर्ट इस केस में फैसला नहीं सुना देता तब तक  देहरादून में चुनाव करने की बात करना सरकार को भारी पड़ सकता है.

    VIDEO: निकाय चुनाव: विनम्र व समाज के प्रति समर्पित प्रत्याशी को ही टिकट देगी बीजेपी

    VIDEO: 'निकाय चुनाव को लेकर सभी तैयारियां पूरी ली गईं हैं'

    Tags: Uttarakhand news

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