उत्तराखंडः Corona के कारण विभाग हुए बंद तो पुलिस बनी सहारा, SSP ऑफिस में पहुंच रही शिकायत

अन्य विभागों से परेशान लोग देहरादून के एसएसपी 
अपनी फ़रियाद लेकर ऑफ़िस पहुंच रहे हैं.
अन्य विभागों से परेशान लोग देहरादून के एसएसपी अपनी फ़रियाद लेकर ऑफ़िस पहुंच रहे हैं.

22 मार्च से लॉकडाउन (Lockdown) के बाद से अब तक देहरादून पुलिस के पास 4,000 से ज़्यादा एप्लिकेशन पहुंची हैं. तहसील या जिला मुख्यालयों में अधिकारी-कर्मचारियों के न मिलने पर सीधे पुलिस (Uttarakhand Police) के पास शिकायत लेकर पहुंच रहे लोग.

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देहरादून. कोरोना महामारी (COVID-19 Epidemic) के दौरान उत्तराखंड पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपनी मूल भूमिका तो निबाही ही थी साथ ही मित्र पुलिस की तरह ज़रूरतमंदों को मदद का हाथ भी बढ़ाया था. पुलिसकर्मी (Uttarakhand Police) भूखों को खाना खिलाते, राशन बांटते, दवाइयां पहुंचाते, बुजुर्गों को घर छोड़ते दिखते थे. अनलॉक (Unlock) होने के बाद अपराध होने लगे हैं और पुलिस उनकी रोकथाम, जांच में लगी हुई है लेकिन अब भी ज़रूरतमंदों को मदद का हाथ बढ़ा रही है. कोरोना संक्रमण के चलते जहां बहुत सारे विभाग बंद हैं या उनमें आम लोगों की एंट्री नहीं है वहीं पुलिस के दरवाज़े खुले हैं. सभी जगह से निराश लोगों की एप्लीकेशन पुलिस ले रही है और उसे सही जगह पहुंचाना सुनिश्चित कर रही है.

DM ऑफ़िस से निराश, पहुंचे SSP ऑफ़िस

फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर के रूप में जो भूमिका पुलिस ने लॉकडाउन में निबाही अनलॉक में भी उसे यथासंभव जारी रखे हुए है. लॉकडाउन (Lockdown) में देहरादून पुलिस की जो मित्रवत व्यवहार की वजह से अब भी लोग पुलिस के पास मदद के लिए पहुंच रहे हैं, ऐसे मामलों में भी जिनका पुलिस से सीधा लेना-देना नहीं है.



दरअसल,  देहरादून में आम जनता अपनी शिकायतों को लेकर ज़िलाधिकारी दफ्तर, नगर निगम और विकास भवन के साथ तहसीलों में जा तो रही लेकिन कोरोना संक्रमण फैलने के चलेत बहुत से दफ़्तर या तो बंद हैं फिर इनमें अधिकारी नहीं मिल रहे. इसकी वजह से लोगों को बैरंग लौटना पड़ रहा है. कई लोग अपनी फरियाद लेकर पुलिस के पास पहुंच जा रहे हैं.
अपनी फरियाद लेकर एसएसपी ऑफ़िस पहुंचे विजय वर्द्धन ने कहा कि उन्होंने ज़िलाधिकारी दफ़्तर के कई चक्कर लगाए, लेकिन दफ्तर में कोई भी अधिकारी नहीं मिला. इस पर वह अपनी एप्लिकेशन लेकर एसएसपी ऑफिस आ गए. यहां एप्लिकेशन लेकर उन्हें बताया गया है कि इसे संबंधित विभाग को भेज दिया जाएगा.

ताकि भटकना न पड़े लोगों को 

22 मार्च से लॉकडाउन के बाद से अब तक देहरादून पुलिस के पास 4,000 से ज़्यादा एप्लिकेशन पहुंची हैं. इन एप्लिकेशन में कई ऐसी भी थीं जो पुलिस से संबंधित न होकर अन्य विभागों से संबंधित थीं. एसएसपी अरुण मोहन जोशी का कहना है कि जो भी एप्लिकेशन उनके पास आती हैं, उसे वह संबंधित विभाग को मार्क कर देते हैं, ताकि व्यक्ति को भटकना न पड़े. कितना आसान लगता है न... लेकिन यही काम पुलिस के बजाय अगर संबंधित विभाग के अधिकारी, कर्मचारी कर लें तो लोगों को कोरोना संक्रमण काल में भटकना नहीं पड़ेगा और पुलिस पर भी बोझ थोड़ा कम होगा.
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