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Uttarakhand: ग्रेजुएट्स के लिए अच्छी खबर, निगम-नगर पालिका में इंटर्नशिप का मौका, जानिए स्टाइपेंड डिटेल

उत्तराखंड में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद अब इच्छुक युवाओं को नगर निगम या नगर पालिकाओं में इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा.
उत्तराखंड में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद अब इच्छुक युवाओं को नगर निगम या नगर पालिकाओं में इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा.

Uttarakhand News : ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद अब इच्छुक युवाओं को इंटर्नशिप के लिए भटकना नहीं होगा. नगर निगम या नगर पालिकाओं में द अर्बन लर्निंग इंटर्नशिप प्रोग्राम के तहत इंटर्नशिप का मौका मिलेगा. उन्हें पूरे 15 हजार रुपये का स्टाइपेंड भी मिलेगा.

  • Last Updated: January 21, 2021, 4:43 PM IST
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देहरादून. उत्तराखंड के युवाओं के लिए अच्छी खबर है. ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद अब इच्छुक युवाओं को नगर निगम या नगर पालिकाओं में इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा. इस दौरान उन्हें स्टाइपेंड भी मिलेगा. वो भी पूरे 15 हजार रुपये का. युवाओं को और भी सहूलियत मिलेगी.

केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए द अर्बन लर्निंग इंटर्नशिप प्रोग्राम (the urban learning internship programme (Tulip) को उत्तराखंड का शहरी विकास विभाग अब प्रदेश के सभी आठ नगर निगमों और नगर पालिकाओं में शुरू करने जा रहा है. इंटर्नशिप की अवधि आठ हप्तों से लेकर एक वर्ष तक की हो सकती है.

युवाओं को निकायों से मिलेगा प्रमाण पत्र


चयन के लिए नगर निगम व पालिकाएं स्वतंत्र होंगी. यानी कि चयन के मानक उनके अपने होंगे. इंटर्नशिप करने वाले युवाओं को संबंधित निकायों से प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा. स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत टयूलिप को बकायदा लागू भी किया जा चुका है. ग्रेज्युएट स्टूडेंट को तीन-तीन माह की इंटर्नशिप कराई जाती है. इसके तहत युवाओं को पंद्रह हजार रुपये प्रति महीने स्टाइपेंड भी दिया जाता है.

युवाओं के लिए बहुत अच्छा अवसर


स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के सीईओ आशीष श्रीवास्तव का कहना है कि युवाओं के लिए यह एक बहुत अच्छा अवसर है. इस प्रोग्राम से उनका स्किल डेवलपमेंट होगा. स्मार्ट सिटी अब बड़े स्तर पर युवाओं को इंटर्नशिप के लिए इनवाइट करने जा रहा है.



केंद्र सरकार ने साल 2020 में टयूलिप प्रोग्राम लॉन्च किया था. ये प्रोग्राम अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद एआईसीटीई और मानव संसाधन विकास मंत्रालय,आवास और शहरी विकास मंत्रालय की संयुक्त पहल है.

निदेशक शहरी विकास विनोद कुमार सुमन का कहना है कि ये अवसर स्टूडेंट को व्यवहारिक अनुभव प्रदान करेगा तो निगमों और निकायों के कामकाम में नए विचारों और नई सोच से नयापन भी लाएगा. युवाओं को और भी सहूलियत मिलेगी. उन्हें इंटर्नशिप के लिए दर-दर की ठोकरें नहीं खानी पड़ेंगी.
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