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उत्तराखंड पंचायत चुनाव: हाईकोर्ट के फ़ैसले को बताया कांग्रेस ने इंसाफ़ की जीत, बीजेपी कानूनी पहलू देखेगी

Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: September 19, 2019, 2:14 PM IST
उत्तराखंड पंचायत चुनाव: हाईकोर्ट के फ़ैसले को बताया कांग्रेस ने इंसाफ़ की जीत, बीजेपी कानूनी पहलू देखेगी
कांग्रेस उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने हाईकोर्ट के फ़ैसले का स्वागत किया है तो बीजेपी प्रवक्ता देवेंद्र भसीन ने कहा कि पार्टी इस फ़ैसले का अध्ययन करेगी.

याचिकाकर्ता जोत सिंह बिष्ट ने कहा कि इससे ऐसे बहुत सारे लोगों को फ़ायदा होगा जिन्हें सरकार के ‘काले कानून’ ने चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित कर दिया था.

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देहरादून. उत्तराखंड (Uttarakhand) के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (Panchayat Election) पर नैनीताल हाईकोर्ट (Nainital High Court ) के फ़ैसले के बाद कांग्रेस (Congress) उत्साहित है और इसे इंसाफ़ की जीत बता रही है तो बीजेपी (BJP) अभी इस मसले पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है. दरअसल बीजेपी के लिए हाईकोर्ट का फ़ैसला (High Court Decision) एक झटके की तरह आया है क्योंकि जब यह फ़ैसला आया तब बीजेपी अपने प्रत्याशियों की लिस्ट (List of Candidates) पर विचार कर रही थी. इसलिए पार्टी फ़ैसले का अध्ययन करने की बात कह रही है. पंचायत चुनावों की तैयारियों में पिछड़ गई कांग्रेस के लिए यह फ़ैसला संजीवनी की तरह आया है इसलिए कांग्रेस इसे लोकतंत्र की जीत करार दे रही है.

लोकतंत्र मजबूत होगा 

कांग्रेस उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट पंचायती राज संशोधन एक्ट 2019 को चुनौती देने वाले लोगों में शामिल थे. दरअसल हाईकोर्ट में बिष्ट के अलावा पौड़ी के मोहन प्रसाद काला मनोहर लाल आर्य और भी कई लोगों ने इस एक्ट को चुनौती दी थी. इनकी मुख्य आपत्ति दो से ज़्यादा बच्चों के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने को लेकर थी. सरकार का पक्ष सुनने के बाद हाईकोर्ट ने 3 सितंबर को इस मामले पर फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था.

हाईकोर्ट के फ़ैसले पर ख़ुशी जताते हुए जोत सिंह बिष्ट ने इसे न्याय की और इंसाफ़ की जीत बताया. उन्होंने कहा कि इससे ऐसे बहुत सारे लोगों को फ़ायदा होगा जिन्हें सरकार के ‘काले कानून’ ने चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित कर दिया था. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के फ़ैसले से लोकतंत्र मजबूत होगा.

मूलभूत सिद्धांतों का उल्लंघन था एक्ट 

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी इस फ़ैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने यह फ़ैसला कुत्सित इरादों के साथ लिया था और यह कानून बनाने के मूलभूत सिद्धांतों का उल्लंघन था. किसी भी कानून को लागू करने के लिए ग्रेस पीरियड दिया जाता है दो इस सरकार ने नहीं दिया था. उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान आए इस फ़ैसले को पार्टी मैनेज कर लेगी.

फ़ैसले का अध्ययन करेगी बीजेपी 
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बीजेपी के लिए हाईकोर्ट का यह फ़ैसला झटके की तरह आया है. जब यह फ़ैसला आया तब देहरादून के बीजापुर गेस्ट हाउस में पार्टी पंचायत चुनावों के लिए प्रत्याशियों की सूची पर विचार कर रही थी.

पार्टी प्रवक्ता देवेंद्र भसीन कहते हैं कि प्रदेश में पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है और चुनाव की प्रक्रिया चल रही है. ऐसे में अचानक आए इस फैसले के कानूनी पहलू देखने होंगे. फ़ैसले का अध्ययन करने के बाद ही सरकार आगे की रणनीति पर फ़ैसला करेगी.

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First published: September 19, 2019, 1:45 PM IST
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