उत्तराखंड पंचायत चुनावः पार्टी समर्थित प्रत्याशियों का विरोध करने वाले MLA भी बीजेपी के राडार पर
Dehradun News in Hindi

उत्तराखंड पंचायत चुनावः पार्टी समर्थित प्रत्याशियों का विरोध करने वाले MLA भी बीजेपी के राडार पर
बीजेपी संगठन की नज़र पार्टी के ऐसे विधायकों पर है जिनके पार्टी समर्थित प्रत्याशी के ख़िलाफ़ काम करने का संदेह है.

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट (State BJP President AJay Bhatt) ने कहा कि पार्टी अनुशासनहीनता (indiscipline) किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगी और पार्टी के विरुद्ध काम करने वालों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा.

  • Share this:
उत्तराखंड (Uttarakhand) में होने वाले पंचायत जैसे छोटे चुनाव (Panchayat Eleciton) को लेकर भाजपा (BJP) कितनी गंभीर है इस बात का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि पार्टी ने पंचायत चुनावों में पार्टी विरोधी गतिविधियों (Anti Party Activities) में लिप्त कई पदाधिकारियों को पदमुक्त तो कर ही दिया है अब उन्हें पार्टी से निष्कासित (Expel) करने जैसे कदम भी उठाने जा रही है. अब संगठन की नज़र पार्टी के से कई विधायकों पर है जिनके पार्टी समर्थित प्रत्याशी (Party Supported Candidate) के ख़िलाफ़ काम करने का संदेह है.

अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं  

भाजपा के प्रदेश महामंत्री खजान दास ने न्यूज़ 18 से कहा कि बीजेपी पार्टी के विधायकों पर भी नज़र बनाए हुए है और ऐसे विधायक संगठन के राडार पर हैं जो पार्टी समर्थित प्रत्याशी के बजाय दूसरे उम्मीदवार का पक्ष ले रहे हैं.



खजान दास ने कहा कि पंचायत चुनावों में अनुशासनहीनता बिलकुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी. कार्रवाई सभी पर होगी चाहे कोई विधायक हो या कोई बड़ा नेता.
ज़िलों से रिपोर्ट मंगवाई गई

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने भी कहा कि सभी ज़िलों से रिपोर्ट मंगवाई गई है. इस मामले में पार्टी के महासचिव भी अपने स्तर पर भी काम कर रहे हैं. नज़र रखी जा रही है कि पार्टी के विरुद्ध कोई  काम तो नहीं कर रहा.

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट ने भी कहा कि पार्टी अनुशासनहीनता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं  करेगी और पार्टी के विरुद्ध काम करने वालों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा.

इसलिए बढ़ रहे हैं विद्रोही

पार्टी संगठन दावा कर रहा है कि पंचायत चुनावों में पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त किसी भी बड़े-छोटे नेता को छोड़ा नहीं जाएगा लेकिन ऐसा पहले भी हुआ है कि चुनाव के ठीक पहले हटाए गए नेताओं को बाद में पार्टी में वापस ले लिया गया है. शायद इसलिए भी चुनावों के मौके पर विद्रोह करने वाले नेताओं की संख्या बढ़ गई है.

ये भी देखें: 

उत्तराखंड पंचायत चुनाव: 12 ज़िलों में पहले चरण की वोटिंग कल, ये हैं इन चुनावों की ख़ास बातें

पंचायत चुनाव: उत्तराखण्ड सरकार को झटका, SC ने HC के आदेश पर रोक लगाने से किया इनकार
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज